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क्या होता है फॉर्म 6, क्यों हो रहा है इस पर राजनीतिक विवाद? राहुल गांधी ने लगाया दुरुपयोग का आरोप

Form 6: विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं। उनका दावा है कि फॉर्म 6 का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जी वोटर जोड़े जा रहे हैं।

उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा बताया है। राहुल के इन आरोपों से चुनावी माहौल गर्मा गया है और अब फॉर्म 6 को लेकर आम लोगों में भी जिज्ञासा बढ़ गई है कि आखिर ये फॉर्म है क्या, इसका क्या काम है और इसे कैसे भरा जाता है?

Form 6

क्या है फॉर्म 6?

फॉर्म 6, चुनाव आयोग का एक जरूरी डॉक्यूमेंट है। यह उन भारतीय नागरिकों के लिए होता है जो 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के हो चुके हैं और पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना चाहते हैं। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है, तो वह भी फॉर्म 6 के जरिए नया रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
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यह फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरा जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर सर्विस पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाना होता है। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत फॉर्म को भरकर संबंधित BLO या ERO ऑफिस में जमा करना होता है।

कैसे भरा जाता है फॉर्म 6?

फॉर्म 6 भरना आसान प्रक्रिया है। ऑनलाइन तरीके से इसे भरने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  • सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर साइन-अप करें।
  • फिर लॉगिन कर 'फॉर्म' सेक्शन में 'फॉर्म 6' को चुनें।
  • राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और अपनी पर्सनल डिटेल्स भरें जैसे नाम, जन्मतिथि, जेंडर, रिश्तेदार का नाम, पता और कॉन्टैक्ट डिटेल्स।
  • पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें और जरूरी घोषणा करें।
  • सबमिट करने के बाद आपकी जानकारी की जांच BLO या ERO द्वारा की जाती है।

अगर सभी जानकारियां सही पाई गईं, तो नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाता है और वोटर आईडी कार्ड पोस्ट से मिल जाता है।

फॉर्म 6 का क्या है महत्व?

फॉर्म 6 लोकतंत्र में नागरिक की भागीदारी का पहला कदम है। इसके जरिए हर योग्य व्यक्ति अपने वोटिंग अधिकार को हासिल कर सकता है। यह न केवल नए वोटरों के लिए जरूरी है, बल्कि यदि कोई व्यक्ति दूसरी जगह शिफ्ट होता है तो उसके रजिस्ट्रेशन को अपडेट करने में भी इसका इस्तेमाल होता है।

चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आधार वेरिफिकेशन और डिजिटल टूल्स का भी सहारा ले रहा है।

राहुल गांधी का दावा और विवाद

राहुल गांधी का आरोप है कि कई जगहों पर फॉर्म 6 का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी करके कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

हाल ही में चुनाव आयोग ने बिहार में प्रारूप मतदाता सूची जारी की है और दावा किया है कि किसी भी वोटर को बिना वजह हटाया नहीं जाएगा। आयोग के अनुसार 91.32% फॉर्म्स को डिजिटाइज किया जा चुका है और प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से चल रही है।

जांच से सामने आएगा सच

फॉर्म 6 को लेकर उठे विवाद के बाद एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बहस शुरू हो गई है। राहुल गांधी के आरोप कितने सही हैं, इसका जवाब जांच के बाद ही मिलेगा। फिलहाल चुनाव आयोग ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 के तहत नए वोटर जोड़ने और लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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