'एग्जिट पोल कुछ, नतीजे कुछ और', BJP पर लागू नहीं होती एंटी-इनकंबेंसी? EC क्या छिपा रहा? राहुल ने पूछे सवाल
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी नतीजों और सर्वे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पूरी दुनिया की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एंटी-इनकंबेंसी (Anti-Incumbency) यानी सत्ता विरोधी लहर आम बात है, लेकिन बीजेपी ऐसी इकलौती पार्टी है जिस पर इसका असर ही नहीं दिखता।
उन्होंने हरियाणा और मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से पहले सारे ओपिनियन पोल, एग्जिट पोल और यहां तक कि हमारी खुद की इंटरनल पोलिंग भी एक तरफ इशारा करती है, लेकिन नतीजे पूरी तरह उलट आते हैं- और वो भी बड़े अंतर के साथ।{

'मतदाता सूची देश की संपत्ति है, लेकिन EC ने देने से इनकार किया'
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों ने महाराष्ट्र की मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट मांगी थी, लेकिन चुनाव आयोग (EC) ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह डेटा विश्लेषण के लिए जरूरी होता है, और इस फॉर्मेट में न मिलना एक बड़ी बाधा है।
'5:30 बजे के बाद अचानक वोटिंग कैसे बढ़ गई?'
राहुल गांधी का दावा है कि महाराष्ट्र में 5:30 बजे के बाद बड़ी संख्या में वोट पड़ने की बात सामने आई, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं को ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। मतदान केंद्रों पर उस समय कोई लंबी लाइन नहीं थी, फिर भी वोट प्रतिशत अचानक उछल गया।
'EC के पास जवाब नहीं, सबूत मिटाने की कोशिश'
उन्होंने आरोप लगाया कि EC ने न केवल वोटर लिस्ट देने से इनकार किया, बल्कि CCTV फुटेज की पहुंच पर भी नए नियम लगाकर उसे सीमित कर दिया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया- EC क्या छिपा रहा है? और कहा कि चुनाव में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और कोई रिकॉर्ड नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
'पहले संदेह था, अब ठोस शक है'
राहुल गांधी ने कहा कि पहले सिर्फ संदेह था, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र में जो कुछ हुआ उसने इस शक को मजबूत कर दिया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 5 महीनों में जितने मतदाता जोड़े गए, वो संख्या पिछले 5 सालों से भी ज्यादा थी, और कुछ क्षेत्रों में तो कुल आबादी से ज्यादा वोटर जुड़ गए-ये सब बेहद चौंकाने वाले तथ्य थे।
लोकसभा में जीत, विधानसभा में हार-कैसे?
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महा गठबंधन ने कुछ महीने पहले ही लोकसभा चुनावों में बढ़त हासिल की थी, लेकिन अचानक विधानसभा चुनाव में पूरी तरह साफ कर दिया गया, जो अतार्किक और संदिग्ध लगता है।
'क्या एक वोट, एक व्यक्ति का सिद्धांत बचा है?'
उन्होंने भारत के लोकतंत्र की बुनियाद 'वन पर्सन, वन वोट' सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि यदि मतदाता सूची ही गलत है या उसमें फर्जी नाम जुड़ रहे हैं, तो पूरे चुनावी तंत्र पर सवाल उठता है।
'BJP पर एंटी-इंकम्बेंसी क्यों नहीं असर करती?'
राहुल गांधी ने कहा कि पूरी दुनिया में हर सत्ताधारी पार्टी पर एंटी-इंकम्बेंसी असर डालती है, लेकिन BJP ही एक ऐसी पार्टी है जिस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जनता के मन और नतीजों में इतना बड़ा फर्क लोकतंत्र को कमजोर करता है।
'जनता का शक क्यों बढ़ रहा है?'
राहुल गांधी ने बताया कि लाखों लोगों को अब ये लगने लगा है कि:
- BJP पर एंटी-इंकम्बेंसी का असर नहीं होता
- बीजेपी को अप्रत्याशित जीत और बड़े मार्जिन मिलते हैं
- एग्जिट पोल और असली नतीजों में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है
- मीडिया द्वारा एक सोचा-समझा 'माहौल' तैयार किया जाता है
- चुनाव कार्यक्रम भी एक नियोजित स्क्रिप्ट जैसा लगता है












Click it and Unblock the Notifications