#FodderScam: RJD चीफ लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा, 5 लाख रुपये जुर्माना
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रांची। चारा घोटाले में दोषी करार दिए गए लालू प्रसाद यादव की सजा का ऐलान हो गया है। लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है, साथ ही 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। अगर जुर्माना नहीं दिया जाता है तो 6 महीने और जेल में बिताना होगा। चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव के साथ-साथ दोषी करार दिए गए फूलचंद, महेश प्रसाद, बाके जूलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजा राम समेत सभी को साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साढ़े तीन साल की सजा के बाद अब लालू यादव समेत किसी भी दोषी को रांची की सीबीआई कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाएगी, अगर जमानत लेनी है तो हाईकोर्ट जाना होगा। लालू यादव समेत सभी दोषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में सजा सुनाई गई है। इससे पहले सीबीआई कोर्ट के जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चारा घोटाले के दोषियों को खुली जेल में रखना चाहिए क्योंकि उन्हें गौ-पालन का अच्छा अनुभव है। सीबीआई कोर्ट के न्यायाधीश शिवपाल सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया है।

रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला
इससे पहले शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव समेत 16 दोषियों की सजा पर बहस पूरी हो गई थी, केवल सजा सुनाए जाने का इंतजार था। वहीं लालू यादव के वकील ने रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कम सजा देने की अपील की थी। लालू यादव ने अपनी याचिका में कहा था कि वह इस घोटाले में सीधे तौर से शामिल नहीं थे और उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनको कम सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल कोर्ट ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है, वहीं 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

चारा घोटाले में कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
लालू यादव को कोर्ट ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। वहीं पांच लाख का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले लालू यादव की अपील में कहा गया था कि जेल में सुपर मेडिकल सुविधाएं नहीं है। उन्होंने हार्ट प्रॉब्लम, मधुमेह और किडनी इंफेक्शन की बात कही। साथ ही अपील में कहा गया कि इस मामले में अन्य आरोपियों को सजा में राहत दी गई है इसलिए उन्हें भी सजा में कोर्ट की ओर से राहत दी जाए। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत लालू को पहले ही दोषी करार दे चुकी है, लालू के साथ अन्य 15 लोगों को भी इस मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया था। सजा का ऐलान बुधवार को होना था, लेकिन वरिष्ठ वकील की मृत्यु के चलते दोपहर 1.30 बजे के बाद वकीलों ने शोक सभा का आयोजन किया था और किसी भी तरह के कामकाज को नहीं करने का ऐलान किया था, जिसके चलते सजा का ऐलान टाल दिया गया था।

लालू दोषी करार, साढ़े तीन साल की सजा
लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चारा घोटाले में यह दूसरा ऐसा मामला है जिसमें सजा सुनाई जाएगी। इसके अलावा उनके खिलाफ कुछ मुकदमे अभी चल रहे हैं जिनकी सुनवाई अंतिम दौर में है। आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव को सीबीआई विशेष कोर्ट ने 23 दिसंबर को चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में दोषी करार दिया था। लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने धारा 420, 120 बी और पीसी एक्ट की धारा 13( 2) के तहत दोषी करार दिया था।

क्या था पूरा मामला
यह मामला 1994 से 1996 के बीच देवघर जिला कोषागार का है जहां से फर्जी तरीके से कोष निकाला गया था। 21 साल पुराने इस मामले में सीबीआई ने शुरु में 34 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें 11 की मौत ट्रायल के दौरान हो गई। दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए और निर्णय के पूर्व ही अपना दोष स्वीकार कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में देवघर कोषागार से फर्जी बिल बना कर राशि की निकासी करने का आरोप लगाया था। लालू पर आरोप था कि उन्हे इस मामले की पूरी जानकारी थी बावजूद इसके उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।












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