धौलाकुंआ गैंगरेप पीड़िता के लिए इंसाफ की घड़ी
नई दिल्ली। धौलाकुंआ दुष्कर्म पीड़िता के लिए लगता है कि इंसाफ की घड़ी आ गई है। धौलाकुंआ में पूर्वोत्तर क्षेत्र की युवती के साथ वर्ष 2010 में गैंगरेप हुआ था। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। द्वारका कोर्ट पांच दोषियों की सजा का फैसला 17 अक्टूबर को करेगी।

धौलाकुंआ सामूहिक बलात्कार में पीडि़त युवती गत वर्षों से इंसाफ का इंतजार था। लेकिन अभी तक आरोपियों को सजा नहीं हो पाई है। दस अक्टूबर को कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाने के लिए मंगलवार का दिन तय किया था। आरोपियों के नाम उस्मान उर्फ काले, शमसाद उर्फ खुटकन, शाहिद उर्फ छोटा बिल्ली, इकबाल उर्फ बड़ा बिल्ली व कमरुद्दीन उर्फ मोबाइल बताए जा रहे हैं।
सड़क से उठाया था पीड़िता को
पूर्वोत्तर राज्य की रहने वाली पीड़िता बीपीओ में काम करती थी। 24 नवंबर, 2010 रात को बीपीओ से लौटते वक्त कम्पनी की गाड़ी ने उसे धौलाकुंआ की एक सड़क पर छोड़ा। वहां से पीड़िता अपनी सहेली के साथ घर तक जा रही थी। इसी समय कुछ लोगों ने पीड़िता का अपहरण किया। आरोपी युवती को मंगोलपुरी ले गए और सूनसान इलाके में जबरन सामूहिक बलात्कार को अंजाम दिया।












Click it and Unblock the Notifications