'सांसद निधि' पर सांसद सहमत नहीं: राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि आज जरूरत है कि राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़े, पंचायत में तो 50 फीसदी सीटें रिजर्व हैं लेकिन अब जरूरत है कि विधान सभा और संसद में भी महिलाओं की संख्या बढ़े। जिससे कि सिस्टम में हरवर्ग की हिस्सेदारी बढ़े। उन्होने सांसद निधि पर कहा कि पिछले महीने ही केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने पत्र लिख कर निधि में बदलावों की बात की थी। राहुल अलग अलग राज्यों से आये पुरूष और महिला प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
राहुल ने उदाहरण देकर कहा कि पहले 500 सांसद फोन आवंटन कोटे का प्रतिनिधित्व करते थे लेकिन पीसीओ सिस्टम ने इस व्यवस्था को तोड़ा, ठीक इसी तरह पंचायत सिस्टम राजनीतिक तंत्र के पीसीओ हैं।
कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति की कमान संभालने वाले राहुल ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर असंतोष जताया और कहा कि आज जनता की ताकत राज्य के मुख्यमंत्री और कुछ अफसरों के पास है जो कि वास्तविक अर्थों में लोकतंत्र नहीं है। पंचायतों, विधायकों और सांसदो का ताकतवर होना ही सही मायने में लोकतंत्र हैं।












Click it and Unblock the Notifications