जम्मू कश्मीर: टैक्सी ड्राइवर ने नहीं लिए पुराने नोट, अस्पताल पहुंचने से पहले बीमार बच्चे की मौत

मोहम्मद हारून ने पहाड़ों और जंगलों के बीच होते हुए करीब 30 किलोमीटर का रास्ता अपने बेटे को कंधे पर लादे हुए तय किया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।'

श्रीनगर। मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बैन किए जाने के बाद बैंक और एटीएम के बाहर लंबी लाइन में कई लोगों की मौत हो चुकी है। बीते शुक्रवार को पुराने नोट न लिए जाने की वजह से अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण जम्मू-कश्मीर में 9 साल के बच्चे ने अपने पिता के कंधे पर दम तोड़ दिया।

notes

जम्मू कश्मीर के सांबा जिले के डूंगा गांव में रहने वाले मोहम्मद हारून (28) ने पहाड़ों और जंगलों के बीच होते हुए करीब 30 किलोमीटर का रास्ता अपने बेटे को कंधे पर लादे हुए तय किया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।'

मोहम्मद हारून ने बताया कि उसके पास करीब 29000 रुपये थे लेकिन सभी पुराने नोट थे। उसके पास वाहन के किराए के लिए भी नए नोट या खुले पैसे नहीं थे। जम्मू-कश्मीर बैंक की दो स्थानीय ब्रांच में वह पैसे नहीं बदल पाया। बैंक के मैनेजर ने कहा कि वे उसके पैसे बदल सकते थे अगर वह उन्हें अपनी जरूरत के बारे में बताता।

डीएम ने मांगी घटना की रिपोर्ट
हारून ने एक टैक्सी ड्राइवर से संपर्क किया लेकिन उसने भी पुराने नोट लेने से मना कर दिया। जिसके बाद वह हाइवे छोड़कर जल्दी पहुंचने के लिए जंगल के रास्ते अस्पताल के लिए निकला। हारून के बेटे की मौत शुक्रवार रात हुई। सांबा जिला मजिस्ट्रेट शीतल नंदा ने पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है।

पढ़ें: यूपी में PWD इंजीनियर के बेडरूम में 50 लाख रुपये काला धन

तीन दिन तक बैंक में लगाई लाइन
हारून ने बताया कि उसके पास कुल 100 या 150 रुपये ही थे। बाकी पैसे 500 और 1000 रुपये के नोट थे। उसके बेटे की तबीयत 14 नवंबर को खराब हुई थी। पहले उसने बेटे को स्थानीय जड़ी बूटियों के साथ काली चाय पिलाकर ठीक करने की कोशिश की लेकिन जब वह ठीक नहीं हुआ तो उसने अस्पताल ले जाने की सोची। उसके पास ज्यादा खुले पैसे नहीं थे इसलिए वह बैंक में पैसे बदवाने के लिए गया। दोनों बैंक घर से दूर होने के कारण उसके सारे खुले पैसे किराए में खर्च हो गए। बैंकों में लंबी लाइन की वजह से उसका नंबर तीन दिन तक नहीं आया।

टैक्सी ड्राइवर भी नहीं माना
18 नवंबर को हारून ने बेटे मुनीर को कंधे पर उठाया और अपनी पत्नी रफीका के साथ पैदल ही अस्पताल के लिए निकल पड़ा। हारून ने कहा, 'मैंने रास्ते में एक टैक्सी ड्राइवर से बात की। उसने कहा कि वह 1000 रुपये लेगा। हम मान गए लेकिन जब मैंने उसे 500 और 1000 रुपये के नोट दिखाए तो वह मुकर गया।'

बैंक ने कहा- ब्रांच में है पर्याप्त पैसा
जम्मू-कश्मीर बैंक की खून ब्रांच के मैनेजर रमन गुप्ता और रामकोट ब्रांच के मैनेजर रजिंदर कुमार ने बताया कि उनके पास पहले दिन से पर्याप्त कैश है और बैंक देर रात तक खुले रहते हैं। अगर हारून ने उन्हें अपनी जरूरत के बारे में बताया होता तो वे उसकी मदद जरूर करते।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+