दिल्ली डबल मर्डर: क्यों फैशन डिजाइनर की उसके स्टाफ ने कर दी हत्या?
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दो दिन पहले पॉश इलाके में हुए डबल मर्डर ने हड़कंप मचा दिया है। फैशन डिजाइनर माला लखानी और उसके नौकर की हत्या का अपराध दर्जी ने कबूला लिया है। दर्जी राहुल अनवर ने माला लखानी की हत्या के पीछे कारण बताया कि, वह उस समय पर सैलरी का भुगतान नहीं करती थी। जिससे वह नाराज था उसने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर फैशन डिजाइनर की हत्या कर दी। फैशन डिजाइनर की हत्या कर वह खुद पुलिस स्टेशन में गिरफ्तारी देने पहुंच गया।

राहुल अनवर उसके बुटीक में दर्जी का काम करता था
राहुल ने पुलिस को बताया कि उसने फैशन डिजाइनर की हत्या क्यों की। माला लखानीआगरा की रहने वाली थीं। पिछले कुछ साल से वह साउथ दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज में रहती थीं। वह ग्रीन पार्क इलाके में बुटिक चलाती थीं। आरोपी राहुल अनवर उसके बुटीक में दर्जी का काम करता था। आरोपी का कहना है कि कुछ समय से माला उसको पैसे नहीं दे रही थी। जिसकी वजह से वह बेहद परेशान चल रहा था। वो पैसे मांग-मांग कर थक चुका था। इसलिए उसने हत्या को अंजाम दिया। फैशन डिजाइनर की चीख सुनकर जब नौकर बहादुर उसे बचाने आया तो उसे भी आरोपियों ने मौत के घाट उतार दिया।

10 दिन पहले माया की हत्या और लूट का प्लान बनाया
राहुल अनवर ने अपने दो साथियों रहमत और वसीम के साथ मिलकर करीब 10 दिन पहले माया की हत्या और लूट का प्लान बनाया। राहुल के दोनों साथी भी पेशे से टेलर हैं और वह कभी-कभी राहुल की मदद करने के लिए माला के घर पर आते थे। प्लान के मुताबिक राहुल ने अपने दोनों साथियों को माला के बंगले पर बुधवार रात पहले से बुला लिया। फिर रात करीब 10 बजे माला लखानी को उनके कमरे से बुटीक में तैयार कपड़े देखने के लिए बुलाया गया, जैसे ही माला लखानी बुटीक में पहुंची, राहुल ने अपने साथियो के साथ मिलकर माला लखानी पर चाकुओं से कई वार किए।

लूट का सामना लेकर फरार हुए तीन आरोपी
घर का नौकर बहादुर माला लखानी की चीख सुनकर वहां पहुंचा तो इन तीनो ने उसको भी मार डाला। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों वर्कशॉप से निकलकर मुख्य कमरे में पहुंचे। जहां तीनों ने वो सारा कीमती सामान उठा लिया। उस सामान ज्यादातर गहने थे। तीनों ने सारा सामान माला की गाड़ी में रखा और घर से निकल गए। गाड़ी वसीम चला रहा था। तीनों इस गुनाह को करने के बाद रंगपुर पहाड़ी पर पहुंचे। उन्होंने कत्ल के दौरान इस्तेमाल किया गया चाकू और खून से सने अपने कपड़े एक तालाब में फेंक दिए और नए कपड़े पहन लिए।

तीनों पुलिस को अपने अपराध की कहानी बताई
जब तीनों को एहसास हुआ कि वे पकड़े जाएंगे तो तीनों दोस्तों ने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। तीनों लेकर सीधा थाने जा पहुंचे। जिस वक्त वे थाने पहुंचे, रात के पौन 3 बज रहे थे। तीनों पुलिस को अपने अपराध की कहानी बताई। पहले पुलिस को लगा कि वे नशे की हालत में झूठ बोल रहे हैं, लेकिन उन लोगों ने बताया कि हत्या के बाद वो लूट का सामान मालकिन की कार में रखकर आये हैं। जो कार थाने पर खड़ी है। पुलिस ने कार बरामद की और उसके बाद एसएचओ अपनी टीम के साथ, तीनों आरोपियों को लेकर उसी घर में पहुंची जहां उन्होंने हत्या की थी।












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