आतंकवाद की ओर बढ़ रहे युवाओं के लिए फारूक अब्दुल्ला बोले- अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लड़के
फारूक अब्दुला बोले कि आखिर युवाओं के हथियार उठाने की क्या वजह है। ऐसी कौन सी बात उन्हें मजबूर कर रही है, इसकी जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन होना चाहिए।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि हमारे लड़के जान दे रहे हैं, वो विधायक, सांसद या फिर कोई मंत्री बनने के लिए यह नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी मांग को लेकर अपनी जान दे रहे हैं, यह हमारी जमीन है और हम इसके मालिक हैं। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वह बोले- हमें उन लोगों की सभी संवेदनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। वह बोले कि आखिर युवाओं के हथियार उठाने की क्या वजह है। युवाओं को ऐसी कौन सी बात है जो हथियार उठाने के लिए मजबूर कर रही है, इसकी जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन होना चाहिए।

आकंतवाद की तरफ बढ़ रहे युवाओं को रोकने के लिए सेवा प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने चेतावनी भी दी थी। इस पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा है- यह सही नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि अगर आप समस्या का हल निकालना चाहते हैं तो इसका हल बंदूक से कभी नहीं निकलेगा। इसका हल बातचीत करके निकलेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत बहाल करने का भी आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि गोली के बदले गोली की नीति से स्थिति सही नहीं होगी, बल्कि सिर्फ खराब ही होगी। ये भी पढ़ें- खुलासा: नकली उंगलियों के सहारे यूपी में पूर्ण बहुमत चाहते हैं राजनीतिक दल!
वह बोले कि अगर कश्मीर की स्थिति सुधारना चाहते हैं तो उसका सिर्फ एक ही रास्ता है और वह है बातचीत। गोली के बदले गोली से सिर्फ स्थिति खराब ही होगी। उनका कहना है कि गोली का जवाब कभी गोली नहीं हो सकता। गोली का जवाब धैर्य, प्रेम और संवाद द्वारा दिया जा सकता है। वह बोले कि हमें आशा है भारत और पाकिस्तान टेबल पर आएंगे और बातचीत करेंगे, ताकि कश्मीर की इस समस्या को निपटारा किया जा सके।












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