किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई, याचिका में शंभू बॉर्डर से किसानों को हटाने की मांग
Farmers Protest News: किसानों ने रविवार 8 दिसंबर को एक बार फिर दिल्ली कूट की कोशिश की थी। लेकिन, हरियाणा पुलिस ने किसानों को रोक दिया। जिसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच फिलहाल स्थगित कर दिया है। वहीं, अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है।
इस मामले में कल यानी सोमवार 9 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिसमें पंजाब में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर लगे अवरोधों को तुरंत हटाने के निर्देश देने की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर कथित किसानों और किसान यूनियनों द्वारा "अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है और रास्तों को अवरुद्ध किया गया है"। इस जनहित याचिका में पंजाब और हरियाणा राज्यों और भारत संघ से किसानों के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध हटाने और यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
आंदोलनकारी किसानों द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध न किया जाए। इस जनहित याचिका में राज्यों और केंद्र को आम जनता के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट 9 दिसंबर को सुनवाई करेगा। बता दें, याचिका में कहा गया है कि इस तरह हाईवे को अवरुद्ध करना लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
साथ ही, ये नेशनल हाईवे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत भी अपराध है। ऐसे में हाईवे को रोकने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खबर के मुताबिक, एमएसपी समेत अपनी मांगों को लेकर हरियाणा-पंजाब के किसान पिछले 13 फरवरी से शंभू बॉर्ड पर डटे हुए है।
किसानों ने रविवार 8 दिसंबर को एक बार फिर से दिल्ली कूच करने की कोशिश की। लेकिन, हरियाणा पुलिस ने किसानों को कुछ ही मीटर पर रोक दिया और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जिसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच फिलहाल स्थगित कर दिया है।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज हमने '101 जत्था' वापस लेने का फैसला किया है। हालांकि, आंदोलन आज भी जारी रहेगा। कहा कि पहले उन्होंने हम पर फूल बरसाए, उसके बाद उन्होंने हम पर रबर की गोलियां चलाईं, केमिकल फेंके...कई किसान घायल हुए हैं।
एक किसान को पीजीआई में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर है और 8-9 किसान घायल हैं, इसलिए हमने 'जत्था' वापस ले लिया है। बैठक के बाद हम आपको आगे के कार्यक्रम के बारे में बताएंगे। कल दोनों मंचों की बैठक होगी और आगे की रणनीति बनाई जाएगी।












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