farmers protest: बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने कहा- सरकार ने कृषि कानून वापस नहीं लिए तो लौटा दूंगा खेल रत्न पुरस्कार
नई दिल्ली। बॉक्सर विजेंद्र सिंह सिंघू बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर किसानों के आंदोलन में शामिल हो गए हैं। विजेंद्र सिंह ने खेल रत्न पुरस्कार लौटाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा किअगर सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती है, तो मैं अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार लौटा दूंगा। बता दें, देश में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार खेल क्षेत्र का सबसे बड़ा पुरस्कार है। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कई दिनों से हरियाणा और पंजाब के किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसानों की मांग है कि सरकार उनके पास आकर उनकी बात सुने और इन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
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विजेंद्र सिंह ने दी खेत रत्न पुरस्कार लौटाने की चेतावनी
रविवार को बॉक्सर विजेंद्र सिंह किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। विजेंद्र सिंह ने खेल रत्न पुरस्कार लौटाने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती है, तो मैं अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार लौटा दूंगा। विजेंद्र सिंह ने कहा, मैंने पंजाब में ट्रेनिंग ली और यहां की रोटी खाई है। आज जब वे यहां ठंड में हैं, मैं उनके भाई के रूप में आया हूं। हरियाणा के अन्य एथलीट भी आना चाहते थे, लेकिन उनके पास सरकारी नौकरियां हैं और वो मुसीबत पड़ सकते हैं। वे कहते हैं कि वे किसानों के साथ हैं। इससे पहले शनिवार को पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ भी किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा था, मैं सभी से गुजारिश करता हूं कि मुद्दों को ना भटकाया जाए। हाथ जोड़कर विनती करता हूं, सरकार से भी गुजारिश है कि हमारे किसान भाइयों की मांगों को मान लें। यहां सब शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं कोई खून-खराबा नहीं हो रहा है।
राष्ट्रपति भवन जाने की तैयारी में कई पूर्व खिलाड़ी
बताया जा रहा है कि पंजाब के कई पूर्व खिलाड़ी किसानों के समर्थन में अपने पुरस्कार लौटाने के लिए राष्ट्रपति भवन जाने की तैयारी में हैं। इससे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी अपने पद्म पुरस्कार को वापस करने का ऐलान किया था।












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