Farmers Protest: किसानों को आज लिखित प्रस्ताव देगी सरकार, राष्ट्रपति से मिलेंगे राहुल गांधी और पवार
Farmers Protest: कृषि कानूनों को लेकर मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह और 13 किसान नेताओं की बातचीत बेनतीजा निकली।इस बैठक के बाद ऑल इंडिया किसान सभा के हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार कानून वापस लेने को तैयार नहीं है, सरकार की ओर से आज एक प्रस्ताव मिलेगा। जिसको लेकर किसान दोपहर 12 बजे सिंधु बॉर्डर पर बैठक करेंगे। मालूम हो कि आज किसान नेताओं और सरकार के बीच जो बैठक होने वाली थी उसे रद्द कर दिया गया है। गौरतलब है कि गृह मंत्री अमितशाह ने कृषि से जुड़े तीनों कानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया है तो वहीं किसान अभी भी कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

तो वहीं दूसरी ओर आज विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेगा। ये मुलाकात बुधवार को शाम 5 बजे होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी और शरद पवार समेत 5 नेता शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से सिर्फ 5 नेताओं को ही राष्ट्रपति से मिलने की मंजूरी दी गई है।
'किसानों का आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा'
Recommended Video
NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि राष्ट्रपति से मिलने से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता विवादास्पद कृषि कानूनों पर सामूहिक रूप से चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि पवार ने कहा था कि सरकार को ये कृषि कानून को वापस लेना ही होगा अन्यथा किसानों का आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा।
कई दौर की हुई बातचीत लेकिन नहीं निकला हल
आपको बता दें कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने समेत कई प्रावधान किए गए हैं लेकिन किसान इस नए कानून को मानने को तैयार नहीं है। वो इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसलिए ही बीते 14 दिन से किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। इसके बाद किसान नेताओं और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।












Click it and Unblock the Notifications