MSP की कानूनी गारंटी पर अड़े किसान, भारी संख्या में आज पैदल पहुंचेंगे दिल्ली
पंजाब-हरियाणा के पास शंभू बॉर्डर पर पिछले 8 महीनों से किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब ये किसान अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे हैं। किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित कई मागों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया है।
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किसानों का मार्च आज दोपहर 1 बजे शुरू होगा। पुलिस का कहना है कि किसानों से निपटने के लिए उनके पास पर्याप्त सुरक्षाबल हैं, फिलहाल अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात नहीं किया गया है। अंबाला जिले में प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है, यहां पांच से अधिक लोगों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित है।

किसान नेता सरवन सिंह पांधेर ने कहा कि किसान ट्रैक्टर की बजाए पैदल मार्च करेंगे। तकरीबन 100 किसान शंभू बॉर्डर से मार्च करेंगे। हम पिछले आठ महीनों से यहां बैठे हैं, हमपर आरोप लगाए जाते हैं कि हम मॉडीफाइड ट्रैक्टर में चलते हैं, हमने फैसला लिया है कि हम दिल्ली तक पैदल जाएंगे। किसानों के आंदोलन को खाप पंचायत और उद्योग समुदाय का भी समर्थन प्राप्त है।
बता दें कि किसान मुख्य रूप से फसल की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे है। इससे पहले 13 फरवरी और 21 फरवरी को भी किसानों ने मार्च किया था। लेकिन उन्हें शंभू बॉर्डर और कनौरी बॉर्डर पर रोक लिया गया था। किसान संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के बैनर तले अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमे किसान मजदूर मोर्चा भी शामिल है। ये सभी किसान शंभू और कनौरी बॉर्डर पर पिछले कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसानों के मार्च को देखते हुए अंबाला के आईजी और एसपी ने शंभू बॉर्डर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने देंगे। अगर किसानों को दिल्ली के पास जाने की अनुमति होगी तो उन्हें दिल्ली जाने दिया जाएगा। हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।
किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 को लागू कर दिया है। इसके तहत सार्वजनिक सबा और जुलूस पर रोक होगी। साथ ही अर्थसैनिक बलों को तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है।












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