किसान हिंसा पर बोले हन्नान मौला: अन्‍नदाताओं के दुश्‍मन हैं दिल्‍ली में तोड़फोड़ करने वाले

नई दिल्‍ली। गणतंत्र दिवस परेड के बाद किसानों ने आज दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाला। नए किसान बिल की वापसी की मांग को लेकर इस रैली में किसान उग्र हो गए और जमकर तोड़फोड़ किया। पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया तो सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। किसानों के इस हिंसक करतूत की चारो तरफ निंदा हो रही है। इसी क्रम में ऑल इंडिया किसान सभा महासचिव हन्नान मौला ने कहा कि आज दिल्ली में जिन्होंने तोड़फोड़ की, वे किसान नहीं किसान के दुश्मन हैं, ये साजिश का अंग है। आज की गुंडागर्दी से, साजिश से हमने सबक लिया है। भविष्य में आंदोलन में ऐसे लोगों को घुसने का मौका न मिले, हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाएंगे।

किसान हिंसा पर बोले हन्नान मौला: अन्‍नदाताओं के दुश्‍मन हैं दिल्‍ली में तोड़फोड़ करने वाले

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    वहीं आम आदमी पार्टी ने भी किसानों के इस उपद्रव की निंदा की। आम आदमी पार्टी की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया - "आज के विरोध में देखी गई हिंसा की हम कड़ी निंदा करते हैं। यह खेदजनक है कि केंद्र सरकार ने इस हद तक स्थिति को बिगड़ने दिया। पिछले दो महीनों से आंदोलन शांतिपूर्ण है।" वहीं दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया कि किसान नेताओं के साथ बातचीत में रूट निर्धारित किए गए थे परन्तु आज सुबह 9:30 बजे एक गुट ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और गाजीपुर बॉर्डर के पास पहली झड़प पुलिस के साथ हुई। पुलिस द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश की गई। काफी उग्र तरीके से ट्रैक्टरों द्वारा पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। व्यापक पैमाने पर तोड़फोड और नुकसान किया गया। काफी उग्र तरीके से ये रैली की गई, इसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड रोकने का फैसला किया

    संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को किसानों द्वारा निकाली गयी ट्रैक्टर परेड को रोक दिया है और भागीदारों से अपने-अपने प्रदर्शन स्थलों की और लौटने की अपील की है। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर परेड तय समय से बहुत पहले शुरू हो गयी थी और राष्ट्रीय राजधानी में कई जगहों पर पुलिस के साथ उनका टकराव भी हुआ। देर शाम तक राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर किसान डटे हुए थे और परेड खत्म करने के लिए पहले से कोई समय निर्धारित नहीं था। किसानों की यूनियनों के संगठन ने एक बयान में कहा, ''गणतंत्र दिवस पर किसानों की परेड को हमने तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और सभी भागीदारों से अपने-अपने प्रदर्शन स्थलों की ओर लौटने की अपील की है।

    क्‍या दिखा आज ट्रैक्‍टर रैली में

    किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान जगह -जगह पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नजर आए हैं। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पथराव भी किया। वहीं लाल किला की प्राचीर वो तिरंगे का अपमान भी करते हुए नजर आए। उन्होंने इस दौरान तिरंगे को लाल किले से हटा दिया और वहां पर अपना झंडा फहराया। वहीं दिल्ली स्थित आईटीओ चौराहे पर सार्वजनिक चीजों को भी तोड़ते हुए नजर आए। आईटीओ चौराहे जब पुलिस किसानों को भीड़ को नियंत्रित कर रही थी तो उस समय किसानों ने उनपर पथराव और लाठी, लोहे की राड से हमला किया। इसके अलावा उन्होंने ट्रैक्टर से पुलिसकर्मियों को कुचलने की भी कोशिश की। किसानों के इस उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को उनपर लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले भी फेंकने पड़े।

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