'भारत बंद' से पहले बोले राहुल गांधी- 'रद्द करने होंगे कृषि कानून, इससे कम कुछ मंजूर नहीं'
सरकार के साथ पांच दौर की बातचीत में कोई हल ना निकलने के बाद किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं और लगातार मांग कर रहे हैं कि ये कानून वापस लिए जाएं। सरकार के साथ पांच दौर की बातचीत में कोई हल ना निकलने के बाद किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। किसानों के इस भारत बंद को कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी सहित विपक्ष के कई दलों ने अपना समर्थन देते हुए ऐलान किया है कि वो देश के अन्नदाता के साथ हैं। इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि कृषि कानूनों को रद्द से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट करते हुए लिखा, 'अदानी-अंबानी कृषि कानून रद्द करने होंगे...और कुछ भी मंजूर नहीं!' आपको बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के प्रदर्शन का आज 12वां दिन है। सरकार और किसानों के बीच पांच दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन किसान अपनी मांग पर कायम हैं। किसानों ने सरकार से दो टूक कहा है कि वो संसद का विशेष सत्र बुलाकर इन तीनों कानूनों को तुरंत वापस ले। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने मंगलवार को भारत बंद का भी आह्वान किया है।
केवल अरबपतियों के बारे में सोचती है सरकार- प्रियंका गांधी
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किसानों की बात ना सुनने और दिल्ली में नई संसद बनाने के मामले पर मोदी सरकार पर हमला बोला। प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'भाजपा सरकार के पास 20,000 करोड़ का नया संसद कॉरिडोर बनाने और 16,000 करोड़ का पीएम के लिए स्पेशल जहाज खरीदने का पैसा है। लेकिन, यूपी के गन्ना किसानों को 14000 करोड़ भुगतान कराने का पैसा नहीं है। 2017 से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा है। ये सरकार केवल अरबपतियों के बारे में सोचती है।'












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