RDX Vs अमोनियम नाइट्रेट, कौन ज्यादा खतरनाक? फरीदाबाद की बरामदगी से देश में खलबली
RDX vs Ammonium Nitrate: हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है, जहाँ एक डॉक्टर के घर से हथियारों और 300 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट का जखीरा बरामद हुआ है। पहले इसे RDX समझा जा रहा था, लेकिन बाद में पुलिस ने अमोनियम नाइट्रेट होने की पुष्टि की, जिसके बाद देशभर में अलर्ट जारी हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर अमोनियम नाइट्रेट की विस्फोटक क्षमता और उसके खतरों पर बहस छेड़ दी है।
सवाल उठ रहा है कि आखिर यह सफेद क्रिस्टलीय केमिकल कंपाउंड कितना घातक है, और क्या यह RDX से भी ज़्यादा खतरनाक हो सकता है? यह बरामदगी न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि आम जनता के मन में भी इस रसायन की विध्वंसक शक्ति को लेकर डर पैदा कर रही है।

क्या होता है अमोनियम नाइट्रेट और कहां होता है इस्तेमाल?
अमोनियम नाइट्रेट (NH_4 NO_3) एक सफेद रंग का क्रिस्टलीय केमिकल कंपाउंड है, जिसका व्यापक रूप से उद्योगों में इस्तेमाल होता है। यह मुख्य रूप से उर्वरक के रूप में नाइट्रोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, यानी खेतों में इसका भारी उपयोग होता है। इसके अलावा, खनन उद्योग में विस्फोटक तैयार करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह एक सिंथेटिक पाउडर है, जिसे अमोनिया और नाइट्रिक एसिड की रासायनिक प्रतिक्रिया से बनाया जाता है। दुनियाभर के कई देशों में इसका उत्पादन होता है, और इसकी एक सबसे खास बात यह है कि यह अपेक्षाकृत सस्ता भी होता है, जो इसे गलत हाथों में पड़ने पर और खतरनाक बना देता है।
Faridabad Explosives Recovery-कितना खतरनाक होता है अमोनियम नाइट्रेट?
अमोनियम नाइट्रेट अपनी विस्फोटक प्रकृति के कारण बेहद खतरनाक होता है और इसका इस्तेमाल सेना के साथ-साथ आतंकवादी भी करते रहे हैं। इसकी विनाशकारी शक्ति का अंदाजा 1995 में अमेरिका के ओक्लाहोमा शहर में हुए धमाके से लगाया जा सकता है, जहां सिर्फ दो टन अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल से 168 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी। हाल ही में, 2020 में बेरूत में भी अमोनियम नाइट्रेट के एक विशाल जखीरे (लगभग तीन हजार टन) में हुए जोरदार धमाके में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी और हजारों घायल हुए थे। ये घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि यह रसायन कितनी बड़ी तबाही मचा सकता है।
ये भी पढ़ें: डॉक्टर आदिल अहमद राठर निकला आतंकी नेटवर्क का हिस्सा, 350 किलो विस्फोटक और AK-47 कहां रखा था छिपाकर?
RDX से ज़्यादा या कम खतरनाक
जब बात विस्फोटकों की आती है, तो अमोनियम नाइट्रेट और RDX की तुलना अक्सर की जाती है। RDX (हेक्साहाइड्रो-1,3,5-ट्रिनाइट्रो-1,3,5-ट्रायजीन) एक सफेद, गंधहीन और बेहद शक्तिशाली विस्फोटक है, जिसे दुनिया के सबसे घातक और स्थिर विस्फोटकों में गिना जाता है। इसका इस्तेमाल सैन्य और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए होता है, और यह आतंकवाद से लेकर सीमाओं पर सुरक्षा तक में एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, अमोनियम नाइट्रेट सीधे तौर पर RDX जितना शक्तिशाली नहीं होता, लेकिन जब इसे किसी ज्वलनशील पदार्थ के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, तो इसकी विस्फोटक क्षमता RDX के करीब या उससे भी अधिक विनाशकारी हो सकती है, खासकर बड़ी मात्रा में।
ये भी पढे़ं: Faridabad: कलयुगी पिता! घरेलू कलह में पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी को बनाया हवस का शिकार, ऐसे खुला मामला
फरीदाबाद में बरामदगी और देशव्यापी अलर्ट: सुरक्षा चुनौतियां
फरीदाबाद में 300 किलो से ज़्यादा अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को देशभर में अलर्ट कर दिया है। यह बरामदगी न केवल एक संभावित आतंकी साजिश का पर्दाफाश करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले रसायनों का दुरुपयोग किया जा सकता है। पुलिस और अन्य एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि यह जखीरा कहां(Faridabad AK47) से आया और इसका क्या इरादा था। यह घटना भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है, क्योंकि सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सकती है, जैसा कि अतीत की घटनाओं ने साबित किया है।












Click it and Unblock the Notifications