सरकार ने TikTok या दूसरे चाइनीज ऐप पर पांबदी के नहीं दिए आदेश
नई दिल्ली- भारत सरकार ने गूगल या एप्पल कंपनियों को चाइनीज मोबाइल ऐप पर पाबंदी लगाने के कोई निर्देश नहीं दिए हैं। दरअसल, सोशल मीडिया में एक सरकार आदेश की फर्जी तस्वीर ये कहकर खूब वायरल हुई है कि केंद्र सरकार ने कुछ चाइनीज मोबाइल ऐप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। लेकिन, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने फैक्टचेक करने के बाद पाया है कि जो आदेश वायरल किए जा रहे हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं और सरकार ने ऐसा कोई आदेश पारित ही नहीं किया है।

टिकटॉक या दूसरे चाइनीज ऐप पर पांबदी के नहीं दिए गए आदेश
भारतीय प्रेस ब्यूरो ने एक और वायरल न्यूज को ट्वीट करके उसे फर्जी करार दिया है। इस खबर में सरकार के एक फर्जी आदेश के जरिए दावा किया जा रहा था कि सरकार ने गूगल और एप्पल जैसी कंपनियों को कुछ चाइनीज मोबाइल एप्लिकेशन को भारत में बंद करने का आदेश दिया है। इसमें भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अधीन नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर के हवाले से गूगल और एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों के रीजनल एग्जिक्युटिव्स को आदेश दिए जाने का एक जाली फोटो लगाकर उसे खूब वायरल किया जा रहा था। इस फर्जी न्यूज में उस जाली आदेश के जरिए दावा किया गया था कि भारत सरकार ने चीन में बने 13 मोबाइल एप्लिकेशन को भारत में पाबंदी लगाने के लिए एप्पल और गूगल को आदेश दिया है। उस फर्जी आदेश के अंत में यह भी दावा किया गया था कि इस तरह के निर्देश भारत की संप्रभुता को लेकर बढ़ रही चिंता और भारतीय नागरिकों की डेटा प्राइवेसी के मद्देनजर इस तरह के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

पीआईबी के फैक्टचेक में निकला फर्जी
उस आदेश के जरिए चीन के जिन मोबाइल ऐप्स पर आपत्ति जताई गई थी उनमें LiveMe, Bigo Live, Vigo Video, Beauty Plus, CamScanner, Clash of Kings, Mobile Legends, Club Factory, Shein, Romwe, AppLock, Vmate और Game of Sultan भी शामिल हैं। वायल हुए उस सरकारी आदेश को फर्जी बताते हुए पीआईबी ने ट्वीट किया, 'दावा: एक वायरल मैसेज में कथित तौर पर एनआईसी के जरिए दावा किया गया है कि आईटी मंत्रालय ने ऐप स्टोर पर कुछ ऐप्स की उपलब्धता पर पाबंदी लगा दी है। जबकि, पीआईबी फैक्टचेक में पाया गया है कि वह आदेश फर्जी है। भारत सरकार के आईटी मिनिस्ट्री या एनआईसी ने ऐसा कोई निर्देश नहीं जारी किया है।

ओप्पो ने लाइव लॉन्चिंग रोकी
दरअसल, पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात चीन के सैनिकों ने जिस तरह से धोखेबाजी के साथ भारतीय जवानों के साथ खूनी खेल खेला, उससे देश में चीन के खिलाफ भावना भड़की हुई है। देश में चीन के अन्य उत्पादों के अलावा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के भी बहिष्कार की मांग उठ रही है। हालांकि, पिछले महीने अपनी नीतियों का हवाला देते हुए गूगल ने अपने एंड्रॉयड प्लेस्टोर से 'Remove China App'को हटा लिया था। हालांकि, इस ऐप को किसी यूजर्स के स्मार्टफोन से चीन में बने किसी ऐप को हटाने के लिए ही बनाया गया था। इस बीच भारत में बने एक ऐप मित्रों (Mitron) ने चीन-विरोधी भावना के बीच उसके TikTok के मुकाबले एक विकल्प दिया है और मौजूदा स्थिति में उसकी अहमियत भी बढ़ी है। भारत में चीन के विरुद्ध भड़की भावना के मद्देनजर ही चाइनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो ने फिलहाल किसी डिवाइस की लाइव लॉन्चिंग रोकने का फैसला किया है।
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