FACT CHECK: भारत में अभी कुल 17 राज्यों में है एनडीए की सरकार!
बेंगलुरू। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है कि भारत में बीजेपी की पकड़ ढीली हो रही है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहें हैं। आकंड़ों के मुताबिक अभी भारत के 28 राज्यों में से आधे से अधिक यानी 17 राज्यों में बीजेपी साझा सरकार में शामिल है, जिनमे से 9 राज्यों में अकेले बीजेपी को बहुमत हासिल है जबकि कांग्रेस 4 राज्यों में सरकार चल रही है।

हालांकि महाराष्ट्र में गठन होने जा रही है नई साझा सरकार की भी गिनती कर ली जाए तो महाराष्ट्र वह पांचवा राज्य होगी, जहां कांग्रेस साझा सरकार में शामिल हो रही है। यह अलग बात है कि कांग्रेस महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 में 44 सीट जीतकर चौथे स्थान पर आई थी और वह एनसीपी के साथ विपक्ष में बैठने को तैयार थी, लेकिन महाराष्ट्र का घटनाक्रम कुछ ऐसे बदला कि मिले स्पष्ट जनादेश के बाद भी महाराष्ट्र में एनडीए को विपक्ष में बैठना पड़ रहा है।

गौरतलब है बाकी शेष बचे 6 राज्यों में से दक्षिण के 4 राज्यों में से एक केरल में कम्युनिस्ट सरकार, तमिलनाडु में एआईएडीमके की सरकार है, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस चीफ जगनमोहन रेड्डी की सरकार है, तेलंगाना में टीआरएस चीफ के चंद्रशेखर राव की सरकार है। वहीं, पूर्वी राज्य उड़ीसा में बीजेडी चीफ नवीन पटनायक की सरकार है, पश्चिम बंगाल में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी सरकार है।

जबकि दो केंद्रशासित राज्यों में शामिल पुडुचेरी में कांग्रेस और डीएमके की साझा सरकार है और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। आंकड़े साबित करते हैं कि भाजपा के हाथ से छत्तीसगढ़, राजस्थान और पंजाब की सत्ता जाने के बाद भी एनडीए की सरकार सर्वाधिक राज्यों में हैं।

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की साझा सरकार पर संकट के बादल को देखते हुए कहा जा सकता है कि जल्द ही इन दोनों राज्यों में भी एनडीए की सरकार फलक पर आ जाएगी। क्योंकि परस्पर विरोधी दलों द्वारा गठित हुए महाराष्ट्र सरकार का आज नहीं तो कल गिरना तय है। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की जीत का अंतर इतना कम है कि कभी भी वहां भाजपा सत्ता में काबिज हो सकती है और कमलनाथ सरकार सत्ता से बाहर हो सकती है।

वर्ष 2018 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 109 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि सत्ता में काबिज कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अभी फिलहाल बसपा और सपा के सहयोग से वहां सरकार चला रही है, क्योंकि 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 226 सीट जरूरी है और बीजेपी और कांग्रेस दोनों बहुमत के आंकड़े से क्रमशः 2 और 7 सीट दूर रह गईं थीं।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत का संकट बरकरार है, जो मौजूदा मध्य प्रदेश सरकार के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। खबर है ज्योतिरादित्य सिंधिया नई पार्टी बनाने की कवायद में है और अगर ऐसा होता है तो उनके समर्थक विधायक मध्य प्रदेश सरकार से अलग हो गए तो घरारी पर खड़ी कमलनाथ सरकार धड़ाम से गिर जाएगी।

वैसे, कुछ समय पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने की खबर फैली थी, क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के फैसले को स्वागत किया था, जो कांग्रेस की स्टैंड से जुदा लाइन थी। हालांकि अभी भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने की अफवाहों का बाजार सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर गर्म रहता है।
जैसे आसार हैं और अगर निकट भविष्य में मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होता है और महाराष्ट्र की गठित होने जा रही साझा सरकार में भी कमोबेश यही सूरत दिखाई पड़ती है, तो राज्यों में NDA सरकार की संख्या बढ़ सकती है। यानी अगर दोनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन हुआ तो वहां पर भी एनडीए की सरकार बननी तय है, जिसके बाद एनडीए की कुल 28 राज्यों में से 19 राज्यों में सरकार हो जाएगी।

आंकड़ों में एनडीए सरकार की बात इसलिए की जा रही हैं, क्योंकि लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में अकेले दम पर भी बहुमत के आंकड़े को छूने के बाद भी बीजेपी ने सभी एनडीए सहयोगियों को अपने साथ बरकरार रखा है। वरना बीजेपी 2014 में 282 सीटें जीती थीं, जो बहुमत की संख्या से 10 ज्यादा थी। वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव में तो बीजेपी ने अकेले 303 सीटों पर विजय पताका फहराया थी बावजूद बीजेपी एनडीए सहयोगियों के साथ सरकार का गठन किया।

उल्लेखनीय है 17 राज्यों में चल रही एनडीए गठबंधन सरकारों में जिन 9 राज्यों में बीजेपी अकेले दम पर सत्ता में काबिज हैं। उनमें उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, झारखंड, असम, त्रिपुरा, गोवा और गुजरात शामिल हैं और अगर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बन गई तो बीजेपी के नेतृत्व में राज्य सरकारों की संख्या बढ़कर 11 हो सकती है।

वहीं, हरियाणा, बिहार अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और मणिपुर समेत 9 राज्यों में एनडीए गठबंधन की सरकारें सत्ता में काबिज हैं। इनमें सबसे दिलचस्प आंकड़ा यह है कि महाराष्ट्र की साझा सरकार में किंग मेकर बनकर उभरे एनसीपी चीफ शरद वार मेघालय प्रदेश काबिज साझा सरकार में बीजेपी के साथ शामिल हैं। जी हां, एनसीपी।
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