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Eye Flu: बरसात के मौसम में तेजी से फैल रहा है Conjunctivitis, जानें कारण और कैसे रखें आंखों का ख्‍याल

बरसात के मौसम में लगातार हो रही बारिश के चलते कई बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। जिसमें Conjunctivitis जिसे आई फ्लू भी माना जाता है, उसकी समस्‍या तेजी से बढ़ रही है।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण, दिल्ली-एनसीआर समेत या अन्‍य प्रदेश में हर जगह इन दिनों आई फ्लू फैला हुआ है, जिसमें आंखे लाल होकर सूज जा रही हैं।

Eye flu

मानसून में खासतौर पर होने वाली ये आंखों की बीमारी के मरीाजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है, इसको देखते हुए नेत्र रोग विशेषषज्ञों ने आंखो की सही देखभाल और साफ-सफाई का खास ध्‍यान रखने की सलाह दी है।

एम्स में आरपी सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक साइंसेज के प्रमुख डॉ. जेएस टिटियाल ने बताया कि दिल्‍ली में हर दिन लगभग 100 मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि उन्‍होंने कहा मानसून के मौसम के दौरान सामान्‍य है, ज्यादातर मामले वायरस के कारण होते हैं।

उन्‍होंने बताया कि इसे वायरल Conjunctivitis के रूप में भी जाना जाता है और यह विभिन्न वायरस के कारण होता है। इस स्थिति के लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप कई बार आंखों के लिए काफी खतरनाक भी साबित होते हैं, ऐसे में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

आई फ्लू क्या है?

आई फ्लू आंख में होने वाला एक इन्‍फेक्‍शन है जो आंखों को प्रभावित करता है। सामान्‍य तौर पर ये वायरल के कारण होता है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। सबसे आम प्रकार का वायरस जो आई फ्लू का कारण बनता है वह एडेनोवायरस है।

आई फ्लू के लक्षण

आंखों में लालिमा, खुजली या जलन होना आम है। इसके अलावा आंख में पानी आना और सूजन भी आ जाती है।

आई फलू का कारण

धुआं, धूल, पालतू जानवरों के डैंडड्रफ, कैमिकल या एलर्जी और जलन करने वाली गैर-संक्रामक चीजें इस आई फलू का कारण बनती है। इसके अलावा डॉक्‍टरों के अनुसार लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने या उसे पहनते या उतारते समय सफाई का ध्‍यान ना रखने के कारण भी हो सकता है।

रखनी होगी ये सावधानी

  • आई फ्लू अगर हो गया है तो उनसे दूसरों को इन्‍फेक्‍शन ना हो इसके लिए उन्‍हें काले चश्मे का उपयोग करने, तैराकी से बचने और दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
  • अगर बच्‍चों को आई फ्लू हो गया है तो ऐसी स्थिति में बच्चों को कुछ दिनों के लिए स्कूल से घर पर रहने की सलाह दी गई है ताकि उनसे अन्‍य बच्‍चों को आंखों का ये फ्लू ना हो।
  • नवजात शिशु भी जन्म के दौरान आई फ्लू से पीड़ित हो सकते हैं ये संक्रमण मां में मौजूद कुछ संक्रमण के कारण हो सकता है। इसलिए नजवाज में इसक बीमारी के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

आई फ्लू का इलाज?

  • आई फ्लू होने पर डॉक्टर आमतौर पर दवाओं के साथ कुछ घरेलू उपचार की सलाह देते हैं।
  • आई फ्लू का इलाज में चिकनाई युक्‍त आई ड्राप डॉक्‍टर देते जो आंखों को नम रखने और सूखेपन के कारण होने वाली परेशानी को कम करने में मदद करता है।
  • आंखों में बैक्‍टीरियल इन्‍फेक्‍शन होने पर डॉक्टर एंटीबायोटिक ट्यूब या आई ड्रॉप्स लिख सकता है।
  • सूजन को कम करने और जलन वाली आंखों को शांत करने के लिए गर्म सेक का भी उपयोग किया जा सकता है।
  • आप एक साफ कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर निचोड़कर उसे अपनी बंद आंखों पर कुछ मिनट के लिए रख सकते हैं।

आई फ्लू से कैसे बचें?

  • हाथ नियमित रूप से धोएं
  • बैक्टीरिया या वायरस को फैलने से रोकने के लिए आंखों को गंदे हाथों से कतई ना छुएं।
  • तौलिये, मेकअप ब्रश, कॉन्टैक्ट लेंस या चश्मा किसी अन्‍य का बिल्‍कुल भी इस्‍तेमाल ना करें
  • पब्लिक प्‍लेस की सतहों, दरवाजे के हैंडल और काउंटरटॉप्स को एंटीबैक्‍टीरियल वाइप्स से पोंछकर साफ रखें।
  • आफिस हो या बेडरूम ये जरूरी है कि ऐसी बंद जगहों में पर्याप्त वेंटिलेशन होIAS Tina Dabi की टीचर शुभ्रा रंजन जानें कौन हैं? जिनके पढ़ाए कई छात्रों ने यूपीएससी टॉप किया

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