भारत में होगा दुनिया की पहली एंटी कोविड पिल्स का उत्पादन, कंपनी शेयरों में भारी उछाल
नई दिल्ली, अक्टूबर 12: भारत की एवरेस्ट ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसने हल्के से मध्यम कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए मर्क एंड कंपनी की प्रायोगिक एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर के लिए सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) बनाना शुरू कर दिया है। खबर आने के बाद एवरेस्ट ऑर्गेनिक्स के शेयरों में 11.6 फीसदी की तेजी आई है। इसके शेयर 9.9 फीसदी की तेजी के साथ 330 रुपये पर पहुंच गए। भारतीय थोक दवा निर्माता Divi's Laboratories Ltd ने मर्क के साथ इस दवा निर्माण के लिए समझौता किया है।

मर्क ने अलग से मोलनुपिराविर के निर्माण के लिए कम से कम आठ भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं के साथ स्वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौता किया है, जिसका उद्देश्य देश को दवा के निर्माण केंद्र में बदलना है। एवरेस्ट ऑर्गेनिक्स लिमिटेड की सीईओ श्रीकाकरलापुडी सिरीशा ने एक बयान में कहा, ओसेल्टामिविर, रेमडेसिविर जैसी विभिन्न कोविड-19 दवाओं के सफल विकास और व्यावसायीकरण के बाद...एवरेस्ट ऑर्गेनिक्स इस पोर्टफोलियो के विस्तार की राह पर है।
उधर दवा निर्माता कंपनी मर्क ने अमेरिकी औषधि नियामक एफडीए से कोविड-19 रोधी दवा को मंजूरी देने की गुजारिश की है। अगर इस दवा को मंजूरी मिल जाती है तो यह दुनिया की पहली कोरोना से बचाव वाली मेडिसन होगी। अमेरिकी प्राधिकरण आवेदन इस महीने की शुरुआत में मर्क और पार्टनर रिजबैक बायोथेरेप्यूटिक्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर आधारित था। अमेरिका का खाद्य और औषधि नियामक यानी एफडीए इस पर अगले कुछ हफ्ते में फैसला कर सकता है।
एफडीए से मंजूरी के बाद लोग संक्रमण की स्थिति में इस एंटीवायरल गोली को घर पर ही ले सकते हैं। इस दवा के आने से अमेरिकी अस्पतालों पर बोझ घटने की उम्मीद है। यही नहीं इसके आने से कमजोर स्वास्थ्य ढांचे वाले गरीब देशों को भी महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी। मर्क और उसकी सहयोगी कंपनी रिजबैक बायोथेराप्यूटिक्स एलपी ने दावा किया है कि मोलनुपिराविर नामक इस दवा के जरिये अस्पताल में भर्ती होने या मौत होने की आशंका को 50 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
कंपनी ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि उसने भारत में 5 जेनेरिक निर्माताओं के साथ दवा के लिए नॉन एक्सक्लूसिव लाइसेंसिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। मर्क कंपनी का कहना है कि इस साल के अंत तक इस दवा की 1 करोड़ उत्पादन क्षमता करने की योजना है। इसके साथ ही 2022 में इसका उत्पादन और अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है।












Click it and Unblock the Notifications