Ethiopia Volcano Ash India: इथियोपिया की राख ने भारत में मचाया हड़कंप—कई फ्लाइट्स कैंसिल, DGCA का अलर्ट
Ethiopia Volcano Ash India: इथियोपिया के हैली गुब्बी (Hayli Gubbi) ज्वालामुखी से उठे विशाल राख के बादल ने 24 नवंबर देर रात उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में असर दिखाना शुरू कर दिया। यह ज्वालामुखी लगभग 12,000 साल बाद पहली बार फटा है।
इसकी राख करीब 100-120 किमी/घंटा की रफ्तार से भारत की ओर बढ़ती हुई राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब को पार करते हुए आगे पूर्व दिशा में बढ़ गई। राख का बादल शाम 6:30 बजे भारत के वायुक्षेत्र में दाखिल हुआ, जिसके बाद कई शहरों में आकाश धुंधला हो गया और एयर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।

कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा और कुछ फ्लाइट्स डायवर्ट हुईं। कई उड़ानों को देरी से चलाना पड़ा। IMD ने बताया कि राख ऊंचाई पर मौजूद है, इसलिए ज़मीन के स्तर पर प्रदूषण का प्रभाव सीमित रह सकता है, लेकिन विमानन सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
कई फ्लाइट्स कैंसिल
24 नवंबर को एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से AI 106 (न्यूर्क-दिल्ली), AI 102 (न्यूयॉर्क JFK-दिल्ली), AI 2204 (दुबई-हैदराबाद), AI 2290 (दोहा-मुंबई), AI 2212 (दुबई-चेन्नई), AI 2250 (दम्माम-मुंबई) और AI 2284 (दोहा-दिल्ली) को रद्द करना पड़ा।
वहीं 25 नवंबर को भी कई घरेलू उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें AI 2822 (चेन्नई-मुंबई), AI 2466 (हैदराबाद-दिल्ली), AI 2444 / 2445 (मुंबई-हैदराबाद-मुंबई) और AI 2471 / 2472 (मुंबई-कोलकाता-मुंबई) शामिल हैं।
अब तक की बड़ी अपडेट्स
1. राख का बादल भारत में दाखिल
राख का घना बादल 24 नंवबर की शाम राजस्थान में दाखिल हुआ। इसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि तेजी से दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब की ओर बढ़ता चला गया। हवा की तेज़ रफ्तार के कारण यह बादल रातभर कई सौ किलोमीटर आगे बढ़ गया।
2. उड़ानों में भारी व्यवधान
इंडिगो ने कम से कम 6 उड़ानें रद्द कर दी गई। कासा एयर ने जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी के लिए 24-25 नवंबर की सभी उड़ानें निलंबित कर दीं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रास्ता बदलकर पाकिस्तानी एयरस्पेस से भेजा गया, लेकिन भारतीय एयरलाइंस के लिए यह विकल्प नहीं था, जिससे कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
3. DGCA ने जारी किया ASHTAM अलर्ट
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने तुरंत ASHTAM (Volcanic Ash Alert) जारी कर एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि-
- प्रभावित ऊंचाइयों से उड़ान न भरें
- ज्वालामुखी राख से जुड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं को लागू करें
- यह अलर्ट तभी जारी किया जाता है जब स्थिति एयर ट्रैफिक के लिए गंभीर खतरा बन जाए।
4. एयरस्पेस प्रतिबंध, उड़ानों का रीरूटिंग
विदेशी एयरलाइंस ने अपने मार्ग बदलकर पाकिस्तानी एयरस्पेस से उड़ानें भेजना शुरू कर दिया,लेकिन भारतीय एयरलाइंस को यह विकल्प नहीं मिलने के कारण देरी और रद्दीकरण बढ़ गए।
5. सतही प्रदूषण 'कम', लेकिन आसमान में धुंधलापन
राख 10-15 किमी की ऊंचाई पर है इसलिए लोअर लेवल एयर क्वालिटी पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, आकाश धुंधला हो सकता है और न्यूनतम तापमान में हल्का इजाफा हो सकता है
6. विशेषज्ञों की चेतावनी - NCR में प्रदूषण बढ़ सकता है
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में पहले ही हवा "बहुत खराब" श्रेणी में है। ऐसे में राख के कण हवा की गुणवत्ता को और बिगाड़ सकते हैं। पहले से ही राजधानी दिल्ली - 382 (बहुत खराब), गाज़ियाबाद - 396. नोएडा - 397 का एयर क्वालिटि इंडेक्स जहरीला हो चुका है। ऐसे में इथोपिया से आने वाली राख प्रदूषण को और गंभीर स्थिति में पहुंचा सकता है।
7. एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर
DGCA ने सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स को निर्देश दिए हैं। रनवे, टैक्सीवे और अप्रोन्स की तुरंत जांच करें। यदि राख जमा होती दिखे तो तुरंत ऑपरेशन रोक दिए जाएं
बता दें कि, इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित हैली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार को फटा जिसकी राख का गुबार 14 किमी ऊंचाई तक उठा। टूलूज़ VAAC के अनुसार eruption अब रुक गया है। लेकिन उसकी विशाल राख का गुबार हवा में तैरते हुए भारत पहुंच रहा है।












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