Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Engineer Rashid: जम्मू कश्मीर चुनाव से पहले मिली अंतरिम बेल, किसकी टेंशन बढ़ाएंगे बारामूला के MP

Jammu Kashmir Chunav: इंजीनियर राशिद को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। वे 2019 से टेरर फंडिंग केस में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। बारामूला के सांसद शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद को एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में दिल्ली की कोर्ट ने उन्हें मंगलवार को 2 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।

इंजीनियर राशिद ने कश्मीर की बारामूला लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। लेकिन, वह अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) के भी प्रमुख हैं, जो मौजूदा चुनाव में प्रमुखता से मैदान में है। बारामूला में उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2,04,142 वोटों से हराया था।

engineer rashid

विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए इंजीनियर राशिद को अंतरिम बेल मिली
अदालत में राशिद को जमानत देने की पैरवी वकील विख्यात ओबेरॉय ने की। द हिंदू के मुताबिक उन्होंने बताया कि पटियाला हाउस कोर्ट के एडिश्नल सेशन जज चंदरजीत सिंह ने उन्हें अंतरिम बेल दी है। राशिद ने जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान में शामिल होने के लिए कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी।

लोकसभा की सदस्यता ग्रहण करने के लिए भी मिली थी कस्टडी पैरोल
इससे पहले राशिद जम्मू-कश्मीर की लंगेट विधानसभा का 2008 से 2018 तक प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने 2019 में लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे। इससे पहले 5 जुलाई को अदालत ने लोकसभा की सदस्यता ग्रहण करने के लिए इंजीनियर राशिद को कस्टडी पैरोल दी थी।

जेलों में बंद बंदियों की बिना शर्त रिहाई का वादा
इस बार जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में राशिद की पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) कई सीटों पर चुनाव में अपने प्रत्याशी उतार रही है। राशिद के भाई शेख खुर्शीद के मुताबिक, 'एआईपी ने उत्तर, दक्षिण और मध्य कश्मीर की अधिकतर सीटों पर उम्मीदवारों को टिकट दिया है।' अपने चुनावी घोषणापत्र में इस पार्टी ने जेलों में बंद बंदियों की बिना शर्त रिहाई का वादा किया है।

एनसी,पीडीपी लगा रही है बीजेपी की प्रॉक्सी होने का आरोप
जम्मू कश्मीर की दोनों प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस का आरोप है कि अवामी इत्तेहाद पार्टी बीजेपी की 'प्रॉक्सी' है और दावा किया है कि इसका एकमात्र मकसद कश्मीरी वोट को विभाजित करना है।

राशिद का नाम तब सामने आया था, जब एनआईए एक कश्मीरी बिजनेसमैन जहूर वटाली से जुड़े टेरर फंडिंग केस की जांच कर रही थी। वे कथित रूप से घाटी में आतंकी संगठनों और अलगाववादियों के लिए फंडिंग कर रहे थे।

एनआईए ने इस मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के फाउंडर हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन समेत कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। दोष सिद्ध होने के बाद एक ट्रायल कोर्ट ने 2022 में मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+