अमित शाह के घर बैठक के बाद बीजेपी का बड़ा फैसला, महबूबा सरकार से समर्थन वापस लिया
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नई दिल्ली: बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। ये फैसला अमित शाह के घर जम्मू-कश्मीर के बीजेपी कोटे के मंत्रियों से बैठक के बाद लिया गया। दरअसल रमजान के पवित्र माह को देखते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीजफायर की घोषणा की थी, रमजान के बाद अब इसे खत्म करते हुए रविवार को गृहमंत्री ने घाटी में आतंकियो के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट के निर्देश दिए थे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर के लिए सरकार से गुहार लगाई थी, जिसको सरकार ने मान लिया था। हालांकि इसका कुछ लाभ नहीं हुआ और पाकिस्तान की तरफ से 30 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। वहीं सीजफायर खत्म होते ही बीजेपी और पीडीपी के बीच खटपट की खबरें भी आई जिसके बाद अब बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने का फैसला ले लिया। इस मामले में मंगलवार सुबह दिल्ली में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल पहुंचे और उनसे मुलाकात की है।

बीजेपी मंत्रियों की एक बैठक दिल्ली में हुई
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर सरकार में शामिल बीजेपी मंत्रियों की एक बैठक दिल्ली में बुलाई गई। पीडीपी चाहती है कि केंद्र सरकार अलगाववादियों से बात करे जबकि, केंद्र का तर्क है कि अलगाववादियों ने इसका मौका गंवा दिया है। दिनेश्वर शर्मा इस वक्त घाटी में ही हैं जिन्हें कश्मीर विवाद पर बातचीत के लिए भेजा गया था। बता दें कि सीज फायर के आखिरी दिनों में ईद से ठीक पहले पत्रकार शुजात बुखारी और जवान औरंगजेब को आतंकियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था।

सीजफायर खत्म होते ही गठबंधन में दरार
वहीं, दो अलग विचारधाराएं अक्सर कश्मीर में आपस में टकराती रही हैं। AFSPA हटाने को लेकर अलगाववादियों से बात करने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच कई बार खींतचान सामने आई है। मार्च में, पीडीपी ने अपने मंत्री हसीब द्राबू को बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद से ही गठबंधन के भविष्य पर चिंता जताई जाने लगी थी। द्राबू दोनों पक्षों के बीच एक महत्वपूर्ण सूत्रधार की भूमिका में रहे थे।

रमजान में सीजफायर का किया गया था ऐलान
बता दें कि जम्मू कश्मीर में रमजान में सीजफायर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से 30 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। सरकार ने घाटी में शांति और स्थिरता के लिए एकतरफा सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन सेना पर ग्रेनेड अटैक से लेकर नकाब में छिपे पत्थरबाजों में कोई कमी नहीं आई।












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