1200 डॉलर में लोकतंत्र के सबसे बड़े मेले के मेहमान बन रहे पर्यटक

वोटिंग शुरू होने के साथ ही अमेरिका, फ्रांस, नाइजीरिया और यूएई के पर्यटकों ने देश में आना शुरू कर दिया है। इस बार इन देशों के पर्यटकों ने देश में हो रहे लोकसभा चुनावों को करीब से देखने का मन बनाया है और सिर्फ 1200 डॉलर रुपए खर्च करके वह अगले छह दिनों के लिए अपनी 'चुनावी बुकिंग' करा ली है।
गर्मी की भी चिंता नहीं
चुनावों के आगाज के साथ ही देश में गर्मियों का भी आगाज हो चुका है लेकिन इसके बावजूद विदेशों से पर्यटक भारत आने में कोई हिचक नहीं दिखा रहे हैं। अगर पूरे देश की नजरें उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी पर लगी हैं तो इन पर्यटकों के बीच भी वाराणसी अब और ज्यादा खास हो गया है। यहां से बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को लोकसभा का टिकट दिया है।
मोदी के अलावा आप पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी यहां से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। 'इलेक्शन टूरिज्म' के चेयरमैन अहमदाबाद के मनीष शर्मा बताते हैं कि गर्मी के बावजूद ज्यादा से ज्यादा लोग 'इलेक्शन टूरिज्म' पहल के तहत भारत आना चाहते हैं।
'इलेक्शन टूरिज्म' की शुरुआत वर्ष 2012 में गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले हुई थी और उस समम करीब 125 विदेशी पर्यटकों ने गुजरात का दौरा किया था। लेकिन इस बार जब बात लोकसभा चुनावों की हो तो इस
आंकड़ें में भी इजाफा होना लाजिमी है। मनीष का दावा है कि अभी तक 800 पर्यटक देश में जारी चुनावी प्रक्रिया को देखने के लिए भारत आने का मन बना चुके हैं। इसके अलावा 2000 और पर्यटकों के देश आने की उम्मीद है।
वाराणसी के लिए सबसे ज्यादा सवाल
मनीष बताते हैं कि अप्रवासी भारतीयों और गुजरातियों की ओर से लगातार चुनावों के बारे में सवाल पूछे जाते हैं और इन सवालों में उस समय और ज्यादा इजाफा हो गया जब बीजेपी ने वाराणसी से नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार बनाया। पर्यटक ज्यादा से ज्यादा केजरीवाल और मोदी के बारे में सवाल पूछते हैं। मनीष के मुताबिक इस बार के लोकसभा चुनावों में एक नए तरीके का रोमांच देखने को मिल रहा है।
यही वजह है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक इस बार भारत आने के ख्वाहिश रखते हैं। वह बताते हैं कि देश में होने वाले लोकसभा चुनाव दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले चुनावों से कहीं ज्यादा अलग हैं।
जर्मनी से सबसे ज्यादा पर्यटक
मनीष ने बताया कि उनके पास जर्मनी के पर्यटकों की ओर से काफी ज्यादा प्रतिक्रियाएं हासिल हो रही हैं। जर्मनी के बाद फ्रांस, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूएई, नाइजीरिया और सिंगापुर से पर्यटकों ने इन चुनावों के दौरान भारत आने में अपनी रूचि दिखाई है।
मनीष के मुताबिक 1200 डॉलर में पर्यटकों को छह रातों और सात दिनों का पैकेज मुहैया कराया जा रहा है। इस पैकेज में पर्यटकों को चुनावी रैलियों, कैंपेनिंग, अलग-अलग पार्टी के नेताओं के साथ उनकी मुलाकात के चुनाव आयोग के अधिकारियों से भी उनको मिलवाया जाएगा।












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