मध्य प्रदेश सीट से पहला रुझान भाजपा के पक्ष में

ईवीएम के वोटों की गणना के आधा घण्टा पहले डाक-मतपत्रों की गिनती शुरू हुई। कुल डाक-मतपत्रों की संख्या 54 हजार 823 है। इनमें 26 हजार 241 सर्विस वोटर एवं 28 हजार 542 कर्मचारियों के डाक-मतपत्र शामिल है। भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश में मतगणना के लिए 62 पर्यवेक्षक भेजे हैं।
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सभी पर्यवेक्षक अपने-अपने मतगणना स्थलों मौजूद हैं। 51 जिले की मतगणना के लिए 59 मतगणना प्रेक्षक और एक पर्यवेक्षक विदिशा विधानसभा उप चुनाव के लिए भेजा गया है। भोपाल और जबलपुर क्षेत्र की मतगणना के लिए आयोग ने दो विशेष पर्यवेक्षक भेजे हैं।
राज्य के 29 संसदीय क्षेत्रों 378 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे है।
राज्य से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में कई दिग्गज है, इनमे भाजपा की विदिशा संसदीय क्षेत्र की उम्मीदवार सुषमा स्वराज, ग्वालियर से नरेंद्र सिंह तोमर, इंदौर से सुमित्रा महाजन, रतलाम से दिलीप सिंह भूरिया और कांग्रेस से छिंदवाड़ा से कमलनाथ, गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, रतलाम से कांतिलाल भूरिया, खंडवा से अरुण यादव प्रमुख है।
राज्य के 29 संसदीय क्षेत्रों में मतगणना के लिए तीन हजार 255 टेबल का इस्तेमाल हो रहा है, इन टेबल पर ईवीएम और डाक-मतपत्र की गणना के लिए 15 हजार 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
मतगणना के दौरान सभी जिलों और मतगणना स्थल पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। सीएपीएफ (सेन्ट्रल आर्म्स पुलिस फोर्स) की 17 कंपनियां जिला मुख्यालयों पर स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए पूर्व से तैनात हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए है।
स्थानीय पुलिस, विशेष सशस्त्र बल के अलावा बड़ी संख्या में होमगार्ड भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। चुनाव में इस्तेमाल हुए ईवीएम को स्ट्रांगरूम से मतगणना स्थल तक ले जाने के रास्ते में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। स्ट्रांगरूम का ताला खोलने के दौरान वेबकास्टिंग कराई गई।












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