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Election Result: मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड में चुनाव नतीजों से पहले पढ़िए 10 बड़ी बातें

त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में आज चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। त्रिपुरा में 16 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां पर राष्ट्रीय दलों के बीच सीधा मुकाबला है। चुनाव से जुड़ी 10 बड़े फैक्ट्स को पढ़िए

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Election Result: त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनाव के बाद आज हर किसी की नजर नतीजों पर है। आज तीनों ही राज्यों में 8 बजे मतगणना शुरू होगी और दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी की प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। तीनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। त्रिपुरा की बात करें तो भाजपा यहां पर एक बार फिर से सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। लेफ्ट शासन को यहां भाजपा ने 2018 में सत्ता से बाहर किया था। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि एक बार फिर से यहां उसे जीत का स्वाद मिलेगा। त्रिपुरा में पहली बार कांग्रेस और लेफ्ट ने भाजपा को हराने के लिए गठबंधन किया है।

आज तीनों ही राज्यों में आने वाले नतीजों से पहले जानिए 10 बड़ी बातें

  1. त्रिपुरा में 16 फरवरी को मतदान हुआ था। यहां पर राष्ट्रीय दलों के बीच सीधा मुकाबला है। लेकिन इन सबके बीच प्रद्योत देबबर्मा की अगुवाई वाली तिपरा मोथा ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। पार्टी ने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ को मजबूत करके चुनावी गणित को बदला है। ऐसे देखने वाली बात है कि क्या भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी आईफीएफटी इस बाधा को पार कर पाएगी।
  2. 2018 के चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 60 में से 36 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि आईपीएफटी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। आईपीएफटी के फाउंडर एनसी देबबर्मा के निधन के बाद पार्टी की स्थिति काफी डांवाडोल है, ऐसे में चुनाव में नतीजों का भार मुख्य रूप से भाजपा पर है। जबकि भाजपा के विरोधी दलों ने चुनाव में एकजुटता दिखाई है।
  3. मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को मतदान हुआ था। दोनों ही राज्यों में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है। लेकिन भाजपा ने दोनों ही राज्यों में जमकर प्रचार किया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी और प्रदेश में भाजपा की जड़ों को मजबूत करने का काम किया था।
  4. पहली बार भाजपा ने मेघालय में सभी 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, हर चुनावी अभियान में पार्टी ने नेशनल पीपुल्स पार्टी पर जमकर हमला किया है। इसके साथ ही कोनराड संगमा पर भी खूब निशाना साधा है। यहां तक की उनकी सरकार को सबसे भ्रष्ट सरकार तक करार दिया। दिलचस्प बात है कि भाजपा एनपीपी के साथ प्रदेश में सरकार में थी, लेकिन बाद में दोनों का गठबंधन टूट गया।
  5. कोनराड संगमा के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा काफी हमलावर थी, लेकिन आज होने वाली मतगणना से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ कोनराड संगमा ने बैठक की है।
  6. मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड में से सबसे करीबी मुकाबला मेघालय में देखने को मिल सकता है। यहां पर त्रिशंकु विधानसभा की उम्मीद तमाम एग्जिट पोल ने जताई है। एनपीपी के खाते में 20 सीटें जाने की उम्मीद है जबकि भाजपा अपनी सीटों को यहां पर 2 से 6 तक ले जा सकती है। लेकिन प्रदेश में ममता बनर्जी की टीएमसी 11 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।
  7. नागालैंड में काफी दिलचस्प बात यह है कि यहां पर कोई विपक्षी पार्टी नहीं है। यहा सभी दलों ने नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी को अपना समर्थन दिया है। इस गठबंधन को भाजपा ने क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर बनाया है। भाजपा यहां एक बार फिर से एनडीपीपी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही है।
  8. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया है कि त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा नहीं होगी, भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए तीनों ही राज्यों में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
  9. त्रिपुरा में रिकॉर्ड 87.76 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि नागालैंड में 85.90 और मेघालय में 85.27 फीसदी मतदान हुआ था।
  10. तीनों ही राज्यों के चुनाव नतीजे इस लिहाज से भी काफी अहम है क्योंकि इसके नतीजे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर अच्छा खासा असर डाल सकते हैं।
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