640 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने की बड़ी कार्रवाई, दो सीए और एक क्रिप्टो ट्रेडर गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में 640 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत दो चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज दो प्राथमिकियों के आधार पर हुई हैं। जिनमें सट्टेबाजी, जुआ, अंशकालिक नौकरियां और फ़िशिंग घोटाले जैसे अपराध शामिल हैं।

तलाशी में मिली अहम जानकारी

ईडी ने 28 नवंबर से 30 नवंबर के बीच दिल्ली, गुरुग्राम, जोधपुर, झुंझुनू, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 47 लाख रुपए नकद और 1.3 करोड़ रुपए मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की गई।

ED

जांच में खुलासा हुआ कि धोखाधड़ी का पैसा 5,000 से अधिक भारतीय बैंक खातों के जरिए निकाला गया। इसके अलावा चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, डिजिटल हस्ताक्षर और क्रिप्टो वॉलेट खोलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गुप्त वाक्यांश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।

गिरफ्तारियां और आरोप

गिरफ्तार व्यक्तियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट अजय यादव और विपिन यादव और क्रिप्टो ट्रेडर जितेंद्र कस्वान शामिल हैं। ईडी ने बताया कि फरार चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक कुमार शर्मा के भाई राधे श्याम शर्मा को दिल्ली में ईडी के तलाशी दल पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली

इस घोटाले में चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव, और क्रिप्टो ट्रेडरों का एक संगठित नेटवर्क शामिल था। जो अपराध की आय को सफेद धन में बदलने का काम करता था। ऑपरेशन तत्काल संदेशवाहक ऐप्स पर बनाए गए गुप्त चैट समूहों के माध्यम से प्रबंधित किया गया। विदेश में स्थित एक हैंडलर ने खच्चर खाते खोलने और क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के निर्देश दिए। जांच में यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी से प्राप्त धन का एक हिस्सा भारतीय बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दुबई में नकदी में बदला गया। ईडी ने 2,000 से अधिक दस्तावेज बरामद किए हैं। जिनमें बैंक खातों से जुड़े डेबिट और क्रेडिट लेनदेन का विवरण शामिल है।

ईडी जब्त दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। ताकि धन के प्रवाह और इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इस कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय अपराधों के इस व्यापक नेटवर्क को खत्म करना और साइबर धोखाधड़ी के इस मामले में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना है।

इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई कार्रवाई भारत में बढ़ते साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी पर शिकंजा कसने की दिशा में ईडी की गंभीरता को दर्शाती है। यह घटना साइबर सुरक्षा और वित्तीय लेन-देन की निगरानी के महत्व को फिर से उजागर करती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+