डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड पर बड़ा एक्शन, 8 सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश, ED की एक और एडवाइजरी
Digital Giraftari: प्रवर्तन निदेशालय ने आठ सदस्यीय गिरोह की कार्यप्रणाली का पर्दाफाश किया है। केंद्रीय एजेंसी ने ताजा कार्रवाई म्यूल खातों को लेकर पर फ्रॉड के आरोपों पर की। जांच में ये सामने आया है कि आरोपी म्यूल अकाउंट्स को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर देते थे। दरअसल, शनिवार को ईडी ने एक मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें डिजिटल अरेस्ट के आरोप लगाए गए थे। मामले में ईडी ने 8 लोगों को आरोपी बनाया है।
ताजा एक्शन पीएम मोदी की मन की बात में साइबर फ्रॉड और लेनदेन में पारदर्शिता को लेकर चिंता जाहिर करने के बाद लिया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को साइबर अपराध मामले में एक नई अभियोजन शिकायत दर्ज की, जिसे अक्सर "डिजिटल गिरफ्तारी" के रूप में जाना जाता है। एजेंसी की यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने मासिक 'मन की बात' रेडियो संबोधन में नागरिकों को ऐसे घोटालों के बारे में चेतावनी देने के एक हफ्ते बाद आई है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को साइबर अपराध मामले में एक नई अभियोजन शिकायत दर्ज की, जिसे अक्सर "डिजिटल गिरफ्तारी" के रूप में जाना जाता है। एजेंसी की यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने मासिक 'मन की बात' रेडियो संबोधन में नागरिकों को ऐसे घोटालों के बारे में चेतावनी देने के एक हफ्ते बाद आई है।
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने कई पुलिस एफआईआर की स्टडी के बाद मामला दर्ज किया और 10 अक्टूबर के आरोप पत्र में नामित आठ लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में चरण राज सी, किरण एस के, शाही कुमार एम, सचिन एम, तमिलारासन, प्रकाश आर, अजित आर और अरविंदन का नाम शामिल है। ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी 24 संबंधित फर्जी कंपनियां भी चलाता था, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं।












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