पश्चिम बंगाल की अर्थव्यस्था बर्बाद क्यों हुई? कभी सबसे अमीर थे लोग, फिर गरीबों में गिनती

देश आज काफी प्रगति कर रहा है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। लेकिन, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य ने अपनी अर्थव्यस्था को चौपट होते देखा है। यह सबसे अमीर से गरीबों की कतार में आ चुका है।

economy of West Bengal ruined

पश्चिम बंगाल की गिनती करीब 6 दशक पहले देश के सबसे अमीर राज्य के तौर पर होती थी। लेकिन, कुछ वर्ष पहले के आंकड़े बताते हैं कि यह प्रदेश अब छत्तीसगढ़ जैसे गरीब राज्य से भी गरीब हो चुका है। इतने वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग चौपट हो चुकी है तो यहां की जनता का भी गरीब होना स्वाभाविक है।

कभी सबसे अमीर थे बंगाल के लोग
ईपीडब्ल्यू के आंकड़ों के मुताबिक 1960-61 के कीमतों के आधार पर तब प्रति व्यक्ति आय के मामले में पश्चिम बंगाल देश का सबसे धनाढ्य राज्य हुआ करता था। तब राज्य की प्रति व्यक्ति आय 442 रुपए थी। महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्य उससे कहीं पीछे हुआ करते थे।

अमीर से कैसे गरीब हुई बंगाल की जनता ?
लेकिन, 2018-19 में भारत सरकार के एनएसओ ने जो आंकड़े जारी किए, वह उस अमीर राज्य की गरीबी बयां करने के लिए काफी है। 2011-12 के मूल्यों के आधार पर तब प्रति व्यक्ति राज्य घरेलू उत्पाद (2018-19) के मामले में बंगाल काफी पिछड़ चुका था। छत्तीसगढ़ जैसे गरीब राज्य भी उससे आगे निकल गए थे।

तब बंगाल का प्रति व्यक्ति राज्य घरेलू उत्पाद 67,300 रुपए था। जबकि, पहले स्थान पर हरियाणा था, जिसका प्रति व्यक्ति राज्य घरेलू उत्पाद 1,69,409 रुपए था। बंगाल जब समृद्ध था तो वहां साक्षरता दर भी अच्छी थी। क्योंकि, 2011 की जनगणना के मुताबिक 80 वर्ष से ज्यादा के लोगों की साक्षरता के मामले में बंगाल तब सिर्फ केरल से पीछे था।

गरीबी बढ़ने के साथ-साथ साक्षरता भी गिरती गई
लेकिन, 10-14 साल की उम्र के बच्चों में प्रदेश की साक्षरता दर महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से काफी कम हो चुकी थी। मतलब, इससे साफ होता है कि गरीबी के साथ-साथ प्रदेश की निरक्षरता में भी बढ़ोतरी हुई है। इसका अर्थ यह भी निकलता है कि राज्य में तंगहाली बढ़ने से शिक्षा भी प्रभावित हुई है।

बंगाल की मौजूदा अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा योगदान
बंगाल की अर्थव्यवस्था में आज भी कृषि और किसानों का बड़ा रोल और उसपर अधिक निर्भरता भी है। आज भी पश्चिम बंगाल के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में कृषि क्षेत्र का योगदान 12% है। लेकिन, तथ्य यह है कि यहां कृषि क्षेत्र में भी खास प्रगति नहीं हो रही है।

कृषि क्षेत्र में भी पिछड़ा हुआ है बंगाल
मसलन, चावल (धान) की पैदावार के आंकड़े को ही देख लेते हैं। क्योंकि, यह बंगाल की प्रमुख फसल है। भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2017-18 में बंगाल में प्रति हेक्टेयर 2,926 किलो चावल का उत्पादन हुआ।

65 फीसदी से ज्यादा लोग कृषि पर निर्भर
लेकिन, तब पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा और यहां तक कि तेलंगाना में भी चावल की पैदावार बंगाल से कहीं ज्यादा हुई थी। वैसे वैश्विक औसत की बात करें तो प्रति हेक्टेयर 4,250 किलो धान का उत्पादन हुआ था। इस मामले में पंजाब तो उससे भी आगे था। वहां प्रति हेक्टेयर 4,366 किलो धान की उपज हुई। बंगाल के लिए यह स्थिति और भी बुरी है, जहां एनएसएसओ के मुताबिक 65 फीसदी से अधिक लोग कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं।

जो राज्य बंगाल से पीछे थे वे काफी आगे निकल गए है
वहीं बंगाल की तुलना में जो राज्य 1961 में उससे कहीं पीछे थे, जैसे कि महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु वह आज काफी आगे हो चुके हैं। बंगाल में उसकी क्षमता की तुलना में आज बहुत कम फैक्ट्रियां हैं। जबकि, इन राज्यों में उससे तीन से चार गुना ज्यादा फैक्ट्रियां काम कर रही हैं। बंगाल में जो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां बच गई हैं, उनका फोकस भी मेटल, केमिकल और फूड प्रोसेसिंग तक सीमित रह गया है।

बंगाल की फैक्ट्रियों में रोजगार सृजन का भी अभाव
वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु में इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल की नई और अत्याधुनिक फैक्ट्रियां लगी हैं, जिसने उनकी अर्थव्यस्था को चार-चांद लगा दिया है। बंगाल में जो फैक्ट्रियां हैं भी, वह भी इन बाकी राज्यों की तुलना में रोजगार सृजन नहीं कर पाए हैं।

15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक यह उन राज्यों में शामिल है, जिसका खुद का कर राजस्व जीएसडीपी की तुलना में सबसे कम 5.44% पर है। यानि इसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा या तो अनौपचारिक है या कृषि आधारित है। यही वजह है कि राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा केंद्र से मिलने वाली सहायता पर निर्भर है।

Recommended Video

    300 साल पुराने इस Idea से बनेगी India की 5 ट्रिलियन डॉलर की economy | वनइंडिया हिंदी

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+