बिहार के डिप्टी सीएम बोले, 'सावन-भादौ' की वजह से आई है आर्थिक मंदी
क्यों बन रहे हैं मंदी के हालात? सुशील मोदी ने बताई 'चौंकाने वाली वजह'
नई दिल्ली। जीडीपी दर में गिरावट और आर्थिक मंदी की आहट को लेकर जहां केंद्र की मोदी सरकार लगातार दावे कर रही है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार की तरफ से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं बिहार भाजपा के दिग्गज नेता और राज्य के डिप्टी सीएम सुशील मोदी का इस मामले पर एक अलग और चौंकाने वाला बयान आया है। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि हर साल सावन-भादो के महीने में आर्थिक मंदी रहती ही है। सुशील मोदी के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में विवाद भी शुरू हो गया है।

सुशील मोदी ने बताई ये वजह
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए 32 सूत्री राहत पैकेज की घोषणा और 10 छोटे बैंकों के विलय की पहल से लेंडिंग कैपिसिटी बढ़ाने जैसे जो चौतरफा उपाय किए हैं, उनका असर अगली तिमाही में महसूस किया जाएगा। वैसे तो हर साल सावन-भादो में मंदी रहती है, लेकिन इस बार मंदी का ज्यादा शोर मचाकर कुछ लोग चुनावी पराजय की खीझ उतार रहे हैं। बिहार में मंदी का खास असर नहीं है इसलिए वाहनों की बिक्री नहीं घटी। केंद्र सरकार जल्द ही तीसरा पैकेज घोषित करने वाली है।'

5.8 फीसदी से घटकर 5% हुई जीडीपी
आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को ही सरकार की तरफ से जो आंकड़े रिलीज किए गए हैं, उनके मुताबिक पहली तिमाही में जीडीपी दर 5.8 फीसदी से घटकर 5% रह गई है। मतलब इस सेक्टर में कुल 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जो कि सात साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। मंदी की आशंका से जूझ रही अर्थव्यवस्था को इससे तगड़ा झटका लगा है। पिछले साल इसी तिमाही में जीडीपी 8 फीसदी थी जो गिरकर 5 फीसदी रह गई है। कृषि, निर्माण और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में खराब प्रदर्शन इस जीडीपी मे गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने जताई चिंता
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी देश के मौजूदा आर्थिक हालात पर चिंता जाहिर की है। मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत लगातर इस तरह के रास्ते पर आगे नहीं जा सकता है। लिहाजा मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह बदले की राजनीति से बाहर आए और देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए लोगों की सलाह माने। मनमोहन सिंह ने सरकार की अपील की है कि सरकार उन तमाम लोगों की बात को सुने जो इस मसले पर जानकारी रखते हैं, जिससे कि देश को इस हालात से बाहर निकाला जा सके। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि देश मौजूदा आर्थिक हालात को खुद से बिगाड़ा गया है।

'मोदी सरकार के कुप्रबंधन की वजह से मंदी'
मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी पर पहुंच गई है, जोकि इस बात को दर्शाती है कि देश में गहरी आर्थिक मंदी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की पूरी संभावना है, लेकिन मोदी सरकार के कुप्रबंधन की वजह से यह मंदी आई है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के ग्रोथ में हुई गिरावट चिंता का विषय है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोध 0.6 फीसदी पहुंच गई है जोकि दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी की मार को झेल लही है और अभी तक इससे बहार नहीं आ सकी है।












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