अगर राज का हुआ महाराष्ट्र तो यूपी - बिहार not allowed,चुनाव आयोग ने कसी लगाम
हिंदी भाषियों से राज ठाकरे का बैर जगजाहिर है। गैर मराठियों के खिलाफ ज़हर उगलने के कारण चुनाव आयोग ने आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को गैर मराठी लोगों के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों के लिए और यह दावा करने के लिए 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनका राज्य में प्रवेश रोक दिया जाएगा.

आयोग ने ठाकरे को याद दिलाया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों में कहा गया है कि कोई भी पार्टी या प्रत्याशी ऐसी किसी गतिविधि में लिप्त नहीं रहेगा जिससे मतभेद उपजे या परस्पर घृणा फैले या विभिन्न जातियों, समुदायों, धर्मों के या भाषा के लोगों के बीच तनाव हो. इसमें यह भी कहा गया है कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 में विभिन्न वर्गों के नागरिकों के बीच चुनाव के सिलसिले में धार्मिक, नस्ली, जाति, सामुदायिक या भाषायी आधार पर वैमनस्य फैलाने को चुनावी अपराध कहा गया
महाराष्ट्र ने नहीं लिया है ठेका
चुनाव आयोग ने नोटिस में यह जिक्र भी किया है कि राज ठाकरे ने कथित तौर पर कहा था कि अगर बाहर से आए लोगों के पास रहने और काम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है तो वह चले जाएं. मेरे राज्य में न आएं. महाराष्ट्र ने दूसरे राज्यों के लोगों को रखने का ठेका नहीं लिया है. केवल हमारे लड़के-लड़कियों को यहां रोजगार मिलने चाहिए.
ठाकरे ने राज्यों पर फोड़ा, महाराष्ट्र की बेरोज़गारी का ठीकरा
दरअसल ने राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की गरीबी और बेरोज़गारी का ठीकरा बड़ी आसानी से अन्य राज्यों के सर फोड़ दिया। राज का मराठा प्रेम यहीं नहीं रूका पढ़िए उन्होंने और क्या क्या कहा -
- जिस दिन आप यह राज्य मेरे हाथ में देते हैं उस दिन से ही महाराष्ट्र में किसी भी उद्योग में सृजित रोजगार सिर्फ राज्य के मराठी लड़के-लड़कियों को दिए जाएंगे. अन्य राज्यों के लोगों को कोई रोजगार नहीं दिया जाएगा.
- उनका प्रवेश भी रोक दिया जाएगा. ट्रेन से ही उनकी जांच शुरू की जाएगी.'सभी सीमाओं पर प्रवेश निषेध के बोर्ड लगा दिए जाएंगे.
- झुग्गियां बन जाती हैं लेकिन हमारे मराठी लोगों को वह किफायती घर नहीं मिलता जिसके वह हकदार हैं.
- अन्य राज्यों के लोग आते हैं और उन एक-एक झोपड़ी के एक एक करोड़ रुपये लेते हैं जिनमें उनका कब्जा होता है लेकिन स्थानीय लोग चाल में रहते हैं और वह भी किराये पर.
- वे लोग निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर डबल बैरल गन ले कर महाराष्ट्र आते हैं . आपको यह कहां से मिली, क्या आप डकैत हैं ?
- दूसरे राज्य से लोग आते हैं और उन्हें सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिल जाती है . मैं सभी निजी सुरक्षा एजेंसियां बंद कर दूंगा और महाराष्ट्र की सुरक्षा एजेंसी चालू करूंगा तथा इनमें आपको रोजगार दूंगा.












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