#earthquake: जानें क्‍यों आता है भूकंप, कब लहराती हुई दिखती है पृथ्‍वी, फट जाती है जमीन, गिर जाते हैं ब्रिज?

#earthquake: जानें क्‍यों आता है भूकंप, कब लहराती हुई दिखती है पृथ्‍वी, फट जाती है जमीन, गिर जाते हैं ब्रिज?

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली-एनसीआर समेत पूरे उत्‍तर भारत में बुधवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके करीब सवा चार बजे महसूस किए गए। रिक्‍टर पैमाने की भूकंप की तीव्रता 6.2 आंकी गई है। उत्‍तर भारत के अलावा अफगानिस्‍तान, पाकिस्‍तान और ताजिकिस्‍तान में भी भूकंप आया है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्‍यों आता है भूकंप? क्‍या होते हैं इसके पीछे के कारण?

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    भूकंप आने के पीछे ये होती है मुख्‍य वजह

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    धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं। ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब दबाव ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। इसी डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

    रिक्‍टर स्‍केल पर कितनी तीव्रता का भूकंप लाता है कैसी तबाही

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    • 0 से 1.9 की तीव्रता का भूकंप सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है। इतनी तीव्रता का भूकंप आमतौर पर महसूस भी नहीं होता है।
    • 2 से 2.9 तीव्रता के भूकंप को हल्का कंपन माना जाता है। इससे ज्‍यादा नुकसान होता है।
    • 3 से 3.9 तीव्रता वाले भूकंप का असर कुछ ऐसा होता है मानो आपके पास से कोई ट्रक गुजर गया हो।

    जब मैदान में खड़े आदमी को डांवाडोल होती दिखने लगती है पृथ्‍वी

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    • 4 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप से खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी तस्‍वीरें नीचे गिर सकती हैं।
    • 5 से 5.9 फर्नीचर हिल सकता है। इसका कंपन ज्‍यादा होता है। हालांकि, इतनी तीव्रता वाले भूकंप में जान-मान के नुकसान की संभावना कम होती है।
    • 6 से 6.9 तीव्रता वाला भूकंप बेहद खतरनाक स्‍तर तक चला जाता है और यह इमारतों की नींव हिला सकता है। इसमें कमजोर इमारतें गिर भी सकती हैं।
    • तो सुनामी का सैलाब आता है...

      तो सुनामी का सैलाब आता है...

      • 7 से 7.9 तीव्रता वाला भूकंप मजबूत से मजबूत इमारतों को छहाने की ताकत रखता है। इसके असर से जमीन के अंदर बिछी पाइप तक फट सकती हैं।
      • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप के भूकंप असर से पूरे के पूरे शहर तबाह हो सकते हैं। इमारतें, पुल टूट सकते हैं सड़कें तक दरक सकती हैं। जमीन भी फट सकती है।
      • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप में जीवन का तहस-नहस होना तय है। इतनी तीव्रता वाले भूकंप में अगर कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती डांवाडोल होती दिखेगी और अगर भूकंप प्रभावित क्षेत्र समुद्र के नजदीक हो तो सुनामी का सैलाब आता है।

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