देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने के आरोप में साईबाबा समेत 5 को आजीवन कारावास, टिर्के को 10 साल की कैद
प्रोफेसर साईबाबा पर माओवादियों को संपर्क में होने और भारत के खिलाफ षड़यंत्र रचने का आरोप है। इनके साथ 5 अन्य लोगों को भी महाराष्ट्र की गढचिरौली अदालत ने दोषी माना है।
गढचिरौली। महाराष्ट्र की गढचिरौली अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर साई बाबा समेत 4 लोगों को माओवादियों के संपर्क में होने और भारत के खिलाफ भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचने के मामले में आरोपी माना है।
साई बाबा के साथ दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हेम मिश्रा, पूर्व पत्रकार प्रशंता राठी, सामाजिक कार्यकर्ता विजय तिर्की, महेश टिर्की और पांडू नारोटे को इस मामलें दोषी पाया गया है।
अदालत ने साई बाबा समेत 5 लोगों को आजीवन कारावास और विजय टिर्के को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।

इस मामले में आरोपियों को अनलाफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए एक्ट) के तहत दोषी पाया गया है।
बता दें कि साई बाबा को गढचिरौली पुलिस ने साल 2013 में गिरफ्तार किया था। उन पर देश मे माओवादी गतिविधियों को फैलाने में भूमिका रही है।
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