बड़ा खुलासा: पिछले साल खुफिया तरीके से लाया जा रहा 795 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा
डीआरआई के आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में सबसे अधिक जिस चीज की तस्करी हुई है, वह है सोना। हालांकि, सोने की ये तस्करी पिछले साल के मुकाबले घटी है।
मुंबई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में सबसे अधिक जिस चीज की तस्करी हुई है, वह है सोना। हालांकि, 2015-16 के दौरान हुई सोने की तस्करी पिछले साल के मुकाबले घटी है। 2015 में खत्म हुए वित्त वर्ष तक पूरे देश में करीब 1119.11 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा गया था, जिसमें से सिर्फ डीआरआई द्वारा ही 274.80 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा गया था। 2015-16 में कुल 795.50 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा गया था, जिसमें से सिर्फ डीआरआई द्वारा ही 240 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा गया था।

इसके अलावा, पिछले वित्त वर्ष में डीआरआई और अन्य एजेंसियों ने 36.87 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा भी पकड़ी है और 6.85 करोड़ रुपए भी भारतीय मुद्रा पकड़ी है। साथ ही, 2.72 करोड़ रुपए के नकली नोट भी पकड़े गए हैं। इन तीनों तरह की मुद्राओं में पकड़ी रकम 2015-16 में इससे पहले के दो सालों के मुकाबले बढ़ी है। नारकोटिक्स ने 2015-16 इससे पहले के तीन सालों के मुकाबले अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। इस समय में नारकोटिक्स द्वारा कुल 510.17 करोड़ रुपए का मादक पदार्थ पकड़ा गया, जिसमें सिर्फ डीआरआई द्वारा ही 365.56 करोड़ रुपए का नशीला पदार्थ जब्त किया गया।
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वहीं दूसरी ओर, 2013-14 में नारकोटिक्स ने 451.98 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए थे, जिसमें 209 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ सिर्फ डीआरआई ने ही पकड़े थे, जबकि 2014-15 में 290.59 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे, जिसमें से 102 करोड़ के नशीले पदार्थ सिर्फ डीआरआई ने ही जब्त किए हैं। आंकड़ों को देखा जाए तो गाड़ियों और एयरक्राफ्ट की तस्करी में गिरावट आई है। 2015-16 में यह आंकड़ा 131.31 करोड़ रुपए था, जबकि 2013-14 में यह आंकड़ा 472.89 करोड़ रुपए था। वहीं दूसरी ओर, 2014-15 में यह आंकड़ा 62.66 करोड़ रुपए था। एजेंसियों के अनुसार मशीनरी और इसके स्पेयर पार्ट्स की तस्करी में कमी आई है।












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