RudraM-II: सुपर किलर मिसाइल RudraM-2 का सफल परीक्षण, जानिए क्या है इसकी खासियत?
DRDO RudraM-II Missile: भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत में इजाफा कर रहा है। 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत भारतीय सेना दिन पर दिन मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में अब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार (29 मई) को बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरडीओ ने सुपर किलर मिसाइल RudraM-2 का सफल परीक्षण किया है।
डीआरडीओ ने ओडिशा के तट से एयर-टू-सरफेस मिसाइल RudraM-II का सफल परीक्षण कर इतिहास रच डाला है। यह हवा से सतह पर मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल में से एक है। जिसके बाद अब बंकर में भी छिपे दुश्मनों की खैर नहीं होगा, क्योंकि अब यह मिसाइल वहां भी तबाही मचाने में सक्षम है।

डीआरडीओ ने 29 मई को ओडिशा के तट से करीब 11:30 बजे भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के Su-30 MK-I फाइटर जेट से RudraM-II एयर-टू-सरफेस मिसाइल को लॉन्च किया गया, जिसका परीक्षण सफलतापूर्वक रहा।
इस सुपर किलर मिसाइल की बात करें तो यह दुश्मन के किसी भी ठिकाने को नेस्तनाबूद में सक्षम है। दुश्मन के बंकर, जहाज, विमान, आयुध डिपो पर ये सटीक निशाना लगा सकती है। वहीं इस रफ्तार की बात करें तो यह मिसाइल दुश्मन की ओर 6791.4 km/hr की रफ्तार से हमला करती है।
फ्लाइट टेस्ट ने सभी ट्रायल ऑब्जेक्टिव पूरे
जानकारी के अनुसार फ्लाइट टेस्ट ने प्रणोदन प्रणाली और नियंत्रण और गाइडलाइन एल्गोरिदम को पूरा किया। मिसाइल के प्रदर्शन को ऑन-बोर्ड जहाज सहित विभिन्न स्थानों पर आईटीआर चांदीपुर द्वारा तैनात इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम, रडार और टेलीमेट्री स्टेशनों जैसे रेंज ट्रैकिंग उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए।
RudraM-II की खासियत
- यह मिसाइल हवाई पट्टी, बंकर और एयरक्राफ्ट हैंगर को उड़ाने में सक्षम है।
- मिसाइल 200 किलोग्राम पेलोड तक ले जाने में काबिल है।
- मिसाइल को 3 से 15 किमी की ऊंचाई से अचूक निशाना लगाती है।
- आबादी वाले इलाके में सिर्फ टारगेट को ही निशाना बनाएगी।












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