बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू को बनाया राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार, पहली बार महिला आदिवासी चेहरे का चयन
नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति पद के चुनाव का ऐलान हो चुका है। 18 जुलाई को इसके लिए वोटिंग होगी। इस बीच आज विपक्ष से सबको चौंकाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया तो देर शाम बीजेपी ने भी राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार को घोषणा कर दी। बीजेपी ने संसदीय बोर्ड की अहम बैठक के बाद द्रौपदी मुर्मू को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। बीजेपी मुख्यालय में आज अहम बैठक हुई, जिसमें में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी समेत तमाम बीजेपी नेता शामिल हुई थे। इस बैठक में पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को एनडीए का उम्मीदवार बनाने की घोषणा की।

झारखंड की पूर्व राज्यपाल रह चुकी हैं
द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पूर्व राज्यपाल रह चुकी हैं। बीजेपी ने पहली बार महिला आदिवासी चेहरे पर दांव लगाया है। अगर वो राष्ट्रपति बनती हैं तो इस पद पहुंचने वाली पहली आदिवासी होंगी। ओड़िशा की रहने वाली मुर्मू के नाम के ऐलान से बीजेपी को बीजू जनता दल का समर्थन मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्हें शुमकामनाएं दी और लिखा कि मुझे पूरा भरोसा है कि वो एक बेहतर राष्ट्रपति होंगी। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और गरीबों के लिए समर्पित कर दिया। उनके पास प्रशासनिक कार्य का लंबा अनुभव है। वहीं ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी उन्हें एनडीए के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी और कहा कि मुझे उम्मीद है कि वो बेहतर राष्ट्रपति होंगी और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करेंगी।

अगर बनती हैं राष्ट्रपति को बनेंगे कई रिकॉर्ड
पहली अगर वो राष्ट्रपति बनती हैं तो इस पद पहुंचने वाली पहली आदिवासी होंगी। वहीं अगर वो चुनाव जीतती हैं तो प्रतिभा पाटिल के बाद देस की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेंगी। इतना ही नहीं अगर वो ये चुनाव जीतती हैं तो ओड़िशा से आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी।

खास बातें
आपको बता दें कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला गवर्नर रही हैं, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उनके जीवन के बारे में जानें तो वो ओड़िशा के बेहद गरीब आदिवासी परिवार में पैदा हुईं। उन्होंने कई सालों बिना सैलरी काम किया। साल 2007 में उन्हें ओडि़शा विधानसभा में सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर सम्मानित किया गया। उन्होंने ओड़िशा सरकार में कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।












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