दिव्यांगता को दी मात, डॉ. साई कौस्तुभ को मिला 'ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025', पूरे परिवार ने रचा इतिहास
Global Book of Excellence Award 2025: भारत के लिए उस समय एक ऐतिहासिक पल आया, जब देश के पहले दिव्यांग सर्टिफाइड हैप्पीनेस कोच डॉ. साई कौस्तुभ दासगुप्ता को 'ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025' मिला।
ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड (GBE) द्वारा आयोजित इस समारोह में डॉ. दास गुप्ता को 'ग्लोबल आइकॉन ऑफ इंस्पिरेशन 2025' से भी सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित आयोजन द फर्न होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, गोवा में हुआ, जिसमें दुनिया के प्रेरणादायी हस्तियों को सम्मान दिया गया।

Dr. Sai Kaustubh Das Gupta बने दिव्यांगता से प्रेरणा के प्रतीक
डॉ. साई कौस्तुभ दासगुप्ता, जो 90% दिव्यांग हैं, न केवल एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं, बल्कि TEDx ग्लोबल स्पीकर, संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त विकलांगता युवा नेता और Happiness Unlimited के संस्थापक भी हैं। उन्होंने अपनी अडिग इच्छाशक्ति, रचनात्मकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के बल पर लाखों लोगों को न केवल प्रेरित किया है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, समावेशिता और खुशी को लेकर समाज में जागरूकता भी फैलाई है।
एक ही पारिवार के तीन लोगों का सम्मान
इस पल को और भी भावनात्मक और ऐतिहासिक बना दिया जब उनके परिवार के दो अन्य सदस्य - उनकी माता डॉ. शीला दासगुप्ता और छोटे भाई डॉ. कुशाल दासगुप्ता को भी ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाज़ा गया।
डॉ. शीला दासगुप्ता, जो एक प्रसिद्ध न्यूमेरोलॉजिस्ट, स्पेशल चिल्ड्रन काउंसलर और स्ट्रेस-फ्री लाइफ कोच हैं, को उनके समाज सेवा और विशेष बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सम्मान मिला। एक गृहिणी से विश्व रिकॉर्ड होल्डर बनने तक का उनका सफर महिलाओं और विशेष बच्चों के माता-पिता के लिए एक साहसिक प्रेरणा है।
वहीं, डॉ. कुशाल दासगुप्ता, जो एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक फिल्म निर्माता और विजुअल डिजाइनर हैं, को युवा सशक्तिकरण और समावेशीता को बढ़ावा देने वाली प्रेरणादायक लघु फिल्मों और दृश्य अभियानों के लिए सम्मानित किया गया। उनका कार्य सामाजिक परिवर्तन की दिशा में मीडिया और कला के माध्यम से एक क्रांति लेकर आया है।

यह दुर्लभ उपलब्धि - एक ही परिवार के तीन सदस्यों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होते देख - समारोह में उपस्थित हर व्यक्ति की आंखों को नम कर गई। यह केवल पुरस्कारों की बात नहीं थी, बल्कि एक संघर्ष, समर्पण और परिवारिक एकता की मिसाल थी, जिसने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को यह संदेश दिया कि जब जुनून उद्देश्य से मिलता है, तो चमत्कार होते हैं।
Global Excellence Award: महान हस्तियों की मौजूदगी में मिला सम्मान
इस सम्मान को डॉ. साई कौस्तुभ और उनके परिवार को ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर फिल्म और टेलीविज़न की कई नामचीन हस्तियाँ भी उपस्थित थीं जिनमें हिमानी शिवपुरी, करण मेहरा, सचिन पारीख, सुशील पराशर, हनीफ असलम, अक्षिता मुद्गल, निखलेश राठौर, वरुण जैन, रुपाली शर्मा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में मनोरंजन जगत के अलावा कई सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे।
पूरा परिवार बना प्रेरणा
यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह समावेशिता, मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांगजनों के अधिकार और मानव सामर्थ्य का एक प्रेरणादायक उत्सव बन गया। डॉ. साई, डॉ. शीला और डॉ. कुशाल तीनों ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं मानसिक सामर्थ्य और इच्छाशक्ति के सामने नगण्य हैं।
डॉ. साई कौस्तुभ दासगुप्ता और उनके परिवार की यह उपलब्धि केवल पुरस्कारों की बात नहीं है, बल्कि यह एक नई सोच, एक नई प्रेरणा और समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, यह भारतीय परिवार अब विश्व मंच पर उम्मीद, समर्पण और परिवर्तन की कहानी बन चुका है।












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