'धरोहर भारत की' Part 2: आजादी के महानायकों का गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को मिला सम्मान
Dharohar Bharat Ki Documentary:'धरोहर भारत की' डॉक्यूमेंट्री का दूसरा भाग डीडी नेशनल पर प्रसारित कर दिया गया है। जिसमें बताया गया है कि कैसे आजादी के गौरवशाली इतिहास और हमारे महानायकों के बलिदान को सहेजा गया है।

दो भागों में बनी 'धरोहर भारत की-पुनरुत्थान की कहानी' डॉक्यूमेंट्री का शनिवार को दूसरा पार्ट रात 8 बजे डीडी नेशनल पर प्रसारित किया गया है। दूसरे भाग में बताया गया है कि कैसे केंद्र सरकार ने हमारी राष्ट्रीय भावनाओं और गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ी के लिए सहेजकर रखा है।
इसे पहले शुक्रवार को डॉक्यूमेंट्री के पहले पहले भाग में नए भारत की झलक दिखाते हुए बताया गया कि भारत की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिकता को ध्यान में रखते हुए मंदिरों और धार्मिक केंद्रों का पुननिर्माण किया गया है।
इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए देश का हर नागरिक ये समझ पाएगा कि कैसे केंद्र सरकार की तरफ से भारतीय सभ्यता के प्रतीकों के संरक्षण, प्राचीन संस्कृति की भव्यता और देश के महानायकों को सम्मान देने के लिए उनसे जुड़े स्थानों को पुनर्जीवित (पुनर्निर्माण) करने का काम किया गया है।
जानिए दूसरे भाग में क्या है?
डॉक्यूमेंट्री में सरकार की उपलब्धियों के तौर स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक जगहों के पुनरुत्थान की कहानी को बयां किया गया है। हमारे क्रांतिकारियों को काले पानी की सजा के तौर पर यातना देने के लिए अंग्रेजों की बनाई गई सेल्युलर जेल, जो अंग्रेजों के अत्याचारों की गवाह है। उसके बारे में आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए पुनविकसित किया है।
नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि
ऐसे ही गुलामी की जंजीरों को तोड़ते हुए पोर्ट ब्लेयर के रॉस आइलैंड का नाम भी बदलने का काम किया गया है। नेताजी सुभाष चंद बोस जिन्होंने 1942 में अंडमान-निकोबार को आजाद कराया। रॉस आइलैंड का नाम 30 दिसंबर 2018 को पीएम मोदी ने रॉस का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस रखा गया।
नेताजी की विरासत को सम्मान देते हुए नील आइलैंड का नाम बदलकर शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम बदलकर स्वराज द्वीप किया।
इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं।
जलियावाला बाग का आधुनिक नया स्वरूप
13 अप्रैल 1919 के हुए जघन्य हत्याकांड जलियावाला बाग के नए स्मारक का उद्घाटन 28 अगस्त 2021 को पीएम मोदी ने किया। यहां का नया स्वरूप नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा। जलियांवाला बाग आजादी की लड़ाई का प्रतीक है, जो यह हमेशा हमारे देश के युवाओं को आजादी के लिए दी गई कुर्बानी को याद दिलाएगा।
साबरमती आश्रम का पुनर्निर्माण
राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी के गुजरात स्थित साबरमति आश्रम के पुनर्निर्माण का काम भी किया जा रहा है, जिसमें हमारे देश के लोग गांधीजी के देश की आजादी के लिए किए गए आंदोलनों और उनके बारे में करीब से जान पाएंगे। इसके आधुनिक स्वरूप के लिए मोदी सरकार आश्रम और आसपास के क्षेत्र को विकसित कर रही है।
इसके अलावा मोदी सरकार ने हमारे महापुरूषों के सम्मान में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा, बाबा साहेब अंबेडकर के पंच तीर्थ स्थल का विकास, दिल्ली में क्रांति मंदिर का निर्माण और देश से शहीद जवानों के लिए राष्ट्रीय स्माकर बनाने का काम किया है।
देखिए 'धरोहर भारत की-पुनरुत्थान की कहानी' डॉक्यूमेंट्री का दूसरा भाग, Video नीचे है।












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