'आत्मनिर्भर भारत' से चीन को इस दिवाली पर लगेगी 50 हजार करोड़ की चपत
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर: भारत में चीन से आने वाले सामान की काफी खपत है। खासतौर से दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर बाजार चीनी समान सेभरे दिखते हैं। इस साल त्योहारी सीजन में देश में चीनी सामानों की बिक्री में बड़ी कमी होती दिख रही है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने कहा है कि चीन की चीजों को लेकर उत्साह नहीं है बल्कि लोग चीन से उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय बाजारों में इस साल चीनी निर्यातकों को करीब 50,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता दिख रहा है।

दिवाली खरीदारी से अर्थव्यस्था को मिलेगा सहारा
भारत में लोग चीनी पटाखों और दूसरे उत्पादों से दूरी बना रहे हैं। यह सीधे तौर पर भारत के घरेलू उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित हो है। शुक्रवार को जारी अपने बयान में सीएआईटी ने कहा है कि त्योहारी सीजन से पहले देश भर के बाजारों में ग्राहकों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए इस घरेलू सामानों की बिक्री में बड़ी बढोतरी होने की उम्मीद है। दिवाली पर आम लोगों की खरीदारी से भारतीय अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ की आमद की उम्मीद है।

सीएआईटी ने की चीनी सामानों का बहिष्कार की अपील
सीएआईटी की ओर से पिछले साल की तरह इस साल भी चीनी सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया गया है। सीएआईटी महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि 20 शहरों में किए गए एक सर्वे से पता चलता है कि देश के प्रमुख शहरों में उपभोक्ता चीनी उत्पादों की बजाय भारतीय सामान खरीदने में रुचि रखते हैं। दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, नागपुर जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, पटना, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, मदुरै, पुडुचेरी, भोपाल और जम्मू में ये सर्वे किया गया है।
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दुकानदार भी कम ला रहे चीनी सामान
चीन के सामान के प्रति ग्राहकों में उत्साह ना होने को दुकानदार भी समझ रहे हैं। दिवाली पर बाजार में चीन की झालरों व अन्य सजावटी सामान का कब्जा नजर आता था लेकिन इस बार तस्वीर काफी हद तक बदली हुई है। बाजारों पर आत्मनिर्भर भारत की छाप है। ऐसे में दुकानदारों ने लोगों की भावना को समझते हुए देश में बने सामान को अपनी दुकानों में अधिक जगह दी है।












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