सिंधिया पर दिग्विजय सिंह का निशाना, कहा- 'BJP में आपको वो सम्मान नहीं मिलेगा क्योंकि आपने...'
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सिंधिया जब कांग्रेस में थे तो मुरैना से लेकर मंदसौर तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति उनके कहने पर होती थी, लेकिन भाजपा में...
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की 24 सीटों पर उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। बीते शनिवार को सियासी हलचल उस वक्त और तेज हो गई, जब मीडिया में खबर चली कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर प्रोफाइल से भाजपा हटा लिया है। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद ट्वीट करते हुए इस तरह की खबरों को फर्जी बताया। अब पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में वो सम्मान कभी नहीं मिलेगा, जो सम्मान उनका कांग्रेस में था।

'किसी अन्य नेता को कांग्रेस में उतना सम्मान नहीं मिला'
दिग्विजय सिंह ने रविवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'ज्योतिरादित्य सिंधिया मेरे बेटे की तरह हैं। सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तो मुरैना से लेकर मंदसौर तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति उनके कहने पर होती थी। किसी अन्य नेता को कांग्रेस में उतना सम्मान नहीं मिला, जितना आपको मिला। लेकिन, भाजपा में आपको वो सम्मान नहीं मिलेगा, क्योंकि आपने अतीत में आरएसएस की आलोचना की है और भारतीय जनता पार्टी आरएसएस के नियंत्रण में है। हो सकता है कि आपको नरेंद्र मोदी के मंत्रालय में शामिल होने की जल्दी हो। लेकिन, जिन लोगों ने कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को गिराया है, उन लोगों को 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रदेश की जनता सबक सिखाएगी।'

'जिन्हें खरीदा जा सकता था, वो पहले ही जा चुके'
दिग्विजय सिंह से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस अपने विधायकों को राज्यसभा चुनाव के चलते रिजॉर्ट में शिफ्ट करेगी, तो उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथ कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा, 'जिन्हें खरीदा जा सकता था, वो पहले ही जा चुके हैं। कई विधायक ऐसे हैं, जिनके लिए 1 करोड़ रुपए भी बहुत मायने रखते हैं, लेकिन भारी भरकम रकम का लालच देने के बावजदू वो अपने फैसले से नहीं डिगे।'

दलबदल विरोधी कानून में हो संशोधन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया से इस बात को बताया था कि मैं और कमलनाथ दोनों अपने 70 के दौर में हैं और जल्द ही रिटायर हो जाएंगे, सिंधिया के सामने तो सक्रिय राजनीति के लिए दो-तीन दशक थे। वहीं, दिग्विजय सिंह ने दलबदल विरोधी कानून में एक बार फिर से संशोधन की मांग की। आपको बता दें कि हाल ही में एक बड़े घटनाक्रम के तहत कांग्रेस के 24 विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई।

'अपमान करना बीजेपी की आदत, सहन करना सिंधिया की जरूरत'
दूसरी तरफ, उपचुनाव के लिए भाजपा की चुनाव संचालन समिति में ज्योतिरादित्य सिंधिया को छठे नंबर पर रखे जाने को लेकर भी मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस ने भाजपा की चुनाव संचालन समिति की सूची को ट्वीट करते हुए लिखा, 'अपमान करना बीजेपी की आदत, सहन करना सिंधिया जी की जरूरत। बीजेपी की चुनाव समिति में सिंधिया जी को छठे नंबर पर जगह मिली है। कहां तो कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के बगल में स्थान और कहां प्रदेश स्तर पर भी इतने निचले क्रम में जगह...? आखिर इतना सम्मान हजम कैसे हो रहा है...?'












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