बॉलीवुड हीरो बनने का सपना छोड़ बन गए फेमस डिजिटल बाबा, इनसे मिलिए
डिजिटल बाबा प्रवचन देने के लिए एफबी लाइव का इस्तेमाल करते हैं। एक विदेशी भक्त ने उनको मैकबुक प्रो लैपटॉप दिया है। वो इस समय काफी चर्चा में हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में धर्मशाला की वादियों में इन दिनों एक भगवाधारी युवा साधु लोागों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसे लोग अब डिजिटल बाबा भी कहने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के रहने वाले स्वामी राम शंकर इन दिनों धर्मशाला में ही हैं और युवा पीढ़ी को धर्म अध्यात्म का पाठ पढ़ा रहे हैं।

इंटरनेट के इस्तेमाल से कर रहे बाबागीरी
आम तौर पर साधु महात्मा आपको किस्से कहानियां या धार्मिक ग्रंथों से ही संदर्भ सुनाते हैं। लेकिन युवा साधु स्वामी राम शंकर अपने वैचारिक अंदोलन को डिजिटल हथियार से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके हाथ में हमेशा लैपटाप रहता है। यही वजह है कि अपने कार्यशैली व व्यक्तित्व के कारण लोगों के बीच स्वामी राम शंकर चर्चा का विषय बने हुये हैं।

लोग कहने लगे डिजिटल बाबा
यह युवा साधु डिजिटल बाबा के नाम भी जाना जाता है। पहाड़ के वादियों में वैसे तो अनेक संत महात्मा सदियों से निवास करते आ रहे हैं पर ये युवा संत न केवल यहां रह कर साधना करता है, बल्कि समय-समय पर पहाड़ों की खूबसूरत वादियों से फेसबुक लाइव के माध्यम से सोशल मीडिया में युवाओं को अपने धर्म संस्कृति से जोड़ने के लिए सीधे मुखातिब होता रहता है। कभी पार्क में तो कभी बाजार में जब जहां युवा वर्ग इन्हें दिख जाता, वहीं उनके साथ संवाद आरंभ कर देते हैं। वैसे तो स्वामी राम शंकर भी पूरी तरह से पारंपरिक वेष भूषा धारण किए सदियों से चले आ रहे साधुओं के गेरुआ लिबास में लिपटे नजर आते हैं। पर इस युवा संत में एक नहीं कई ऐसी बातें हैं, जो इन्हें अन्य साधुओं से बिल्कुल अलग खड़ी कर देती हैं।

अभिनेता से बन गए बाबा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम तक की पढ़ाई किए इस युवा संन्यासी ने वर्ष 2008 में अयोध्या के लोमश ऋषि आश्रम के महन्थ स्वामी शिवचरण दास महराज से वैष्णव परंपरा अनुसार संन्यास की दीक्षा प्राप्त की। विद्यार्थी जीवन में स्वामी राम शंकर एक शानदार रंगकर्मी भी रहे। बचपन में इनका सपना था कि बॉलीवुड में एक अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित करे। इस सपने को सार्थक करने के लिए रंगमंच के जरिये देशभर के अनेक प्रदेशों में अपने अभिनय का शानदार मंचन भी किया। 20 वर्ष की अल्पायु में ही ग्लैमर की दुनिया का सपना संजोने वाला ये युवा वैराग्य जैसे कठिन मार्ग का पथिक बन गया। स्वामी राम शंकर अपने किसी कार्य के लिए कोई सेवा शुल्क नहीं लेते, बल्कि जो कुछ दान राशि स्वत: प्राप्त हो जाता है, उसका अधिकांश भाग गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रदान कर देते हैं।

विदेशी भक्त ने दिया था एप्पल का मैकबुक प्रो लैपटॉप
स्वामी राम शंकर डिजिटल दुनिया के साथ भी बहुत लगाव रखते हैं। स्वामी जी के पास उनके एक विदेशी भक्त ने वर्ष 2013 में एप्पल का मैकबुक प्रो लैपटॉप दिया था। स्वामी जी बताते हैं कि जब कभी मैं सफर के दौरान लैपटॉप का प्रयोग करता हूं, तब लोग हमारी तस्वीरें खींचा करते हैं। स्वामी अपने काम भर का वीडियो एडिटिंग भी कर लेते हैं। फोटोग्राफी में बेहद शौक रखते हैं, पल-पल की गतिविधि को इंटरनेट पर उपडेट भी करते रहते हैं। यही वजह है कि स्वामी राम शंकर के प्रेमी प्यार से उनको डिजिटल स्वामी भी कहते हैं। स्वामी राम शंकर कहते हैं कि मेरा केवल इतना सपना है कि दुनिया भर के युवा वर्ग को संस्कार, जीवनमूल्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करता रहूं, ताकि हमारे समाज का युवा आदर्श चरित्र व जीवनशैली से युक्त हो सके।
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