अहमदाबाद प्लेन क्रैश में पायलट की गलती? अगर आप भी ये मानते हैं तो पहले AIR India के चेयरमैन का ये बयान पढ़ लें
Air India Plane Crash: 12 जून, दोपहर 1:38 बजे -अहमदाबाद एयरपोर्ट की रनवे 23 से टेकऑफ लेने के 60 सेकंड बाद ही, एयर इंडिया का बोइंग 787‑8 (VT‑ANB)-फ्लाइट AI 171-अचानक नीचे उतरने लगा। इससे पहले कि कोई अंदाजा हो पाता, पायलटों ने "MAYDAY!" कॉल दिया। उड़ान केवल 625 फीट ऊंचाई तक पहुँची, गति थी 174 नॉट्स। फिर लड़खड़ाते हुए विमान नीचे गिरा और बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल में धंस गया। हवा में अचानक विस्फोट और काले धुएं का गुब्बार दिखा। इस हादसे में 275 लोगों की मौत हो चुकी है।
यह हादसा भारत की सबसे भयंकर एयर त्रासदियों में से एक है। जांच अभी शुरुआती है, लेकिन ब्लैक बॉक्स की लैंडिंग रिकॉर्डिंग हमें बताएगी कि 33 सेकंड के अंदर क्या हुआ था -क्या यह तकनीकी खराबी थी, या किसी मानवीय चूक का नतीजा?। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर एक लॉबी इस विमान हादसे के लिए पायलट सुमित सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर को जिम्मेदार ठहराने में लगे हुए हैं। अगर आप भी ऐसा ही मान रहे हैं कि एयर इंडिया क्रैश के पीछे पायलट्स की गलती है तो आपको उससे पहले टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का ये बयान जरूर सुन लेना चाहिए?

एयर इंडिया प्लेन क्रैश: पायलट्स को लेकर एन. चंद्रशेखरन ने क्या कहा?
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि पायलटों की योग्यता पर हमें भरोसा करना चाहिए। चंद्रशेखरन ने कहा,
"दोनों पायलट सुमित सभरवाल और क्लाइव कुंदर बेहतरीन थे। कैप्टन सभरवाल के पास 11,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव (कुंदर) के पास 3,400 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था। मैंने अपने सहकर्मियों से सुना है कि वे बेहतरीन प्रोफेशनल्स पायलट थे। इसलिए, हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते। सभी विशेषज्ञों ने मुझे बताया है कि ब्लैक बॉक्स और रिकॉर्डर से पूरी कहानी जल्द ही सामने आ जाएगी। इसलिए, हमें बस उसका इंतजार करना होगा।"
विमान में उड़ान से पहले कोई तकनीकी खराबी नहीं थी: एन. चंद्रशेखरन
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि विमान में उड़ान से पहले कोई चेतावनी या तकनीकी खराबी नहीं थी और दोनों इंजन अच्छी स्थिति में थे। उन्होंने इस घटना को एक "बेहद कठिन स्थिति" बताया है। उन्होंने कहा, ''इस त्रासदी को लेकर मेरे पास शब्द नहीं हैं। मृतकों के परिजनों के मैं सिर्फ सॉरी फील कर रहा हूं।''
टाइम्स नाऊ को दिए गए इंटरव्यू में चंद्रशेखरन ने कहा,
''यह टाटा द्वारा संचालित एयरलाइन में हुआ हादसा है, इसका मुझे गहरा दुख है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हम हर परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़े हैं। हम उनके साथ शोक साझा करते हैं और हर संभव सहायता करेंगे -अभी भी और आगे भी।''
ब्लैक बॉक्स पर टिकी हैं सारी उम्मीदें
चंद्रशेखरन ने कहा कि हमें पूरी जांच होने तक किसी भी आकलन तक नहीं पहुंचना चाहिए। हादसे के कारणों को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखरन ने कहा, ''हमें जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। अब कोई भी फैसला निकालना जल्दबाजी होगी।''
इस विमान हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस जांच का नेतृत्व कर रहा है। सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति भी जांच में शामिल है। शुरुआती जांच रिपोर्ट आने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक विमान में किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या मेंटेनेंस संबंधी शिकायत नहीं थी। दाहिने इंजन को हाल ही में मार्च 2025 में बदला गया था। बाएं इंजन की सर्विसिंग 2023 में हुई थी, और अगली सर्विस दिसंबर 2025 में होनी थी।
एयर इंडिया प्लेन क्रैश: अब तक कितने DNA हुए मैच
अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश के एक सप्ताह बाद 210 शवों के डीएनए सैंपल का उनके परिवारों के साथ मैच किया जा चुका है। 187 शवों को परिवार को सौंप दिया गया है। गुजरात के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा, ''19/06/2025, सुबह 8:30 बजे तक 210 शवों के DNA सैंपल मैच किए गए हैं। 187 शवों को परिवार को सौंप दिया गया है। बाकी अन्य परिवारों से भी संपर्क किया जा रहा है।''












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