राज्यपाल को सरकारी विमान ना दिए जाने पर भड़के फडणवीस, बोले- महाराष्ट्र ने पहली बार देखी ऐसी घमंडी सरकार

Devendra Fadnavis on Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari being denied state aircraft for travel

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हवाई यात्रा के लिए सरकारी विमान ना देने को लेकर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। महाराष्ट्र नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकारी हवाई जहाज किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है कि आप राज्यपाल को हवाई जहाज देने से मना कर दें। भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार में ये पहली बार है, जब किसी सरकार में इतना घमंड दिखे कि वो राज्यपाल तक का सम्मान ना करे।

 महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हवाई यात्रा के लिए सरकारी विमान ना देने को लेकर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। महाराष्ट्र नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकारी हवाई जहाज किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है कि आप राज्यपाल को हवाई जहाज देने से मना कर दें। भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार में ये पहली बार है, जब किसी सरकार में इतना घमंड दिखे कि वो राज्यपाल तक का सम्मान ना करे। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम फडणवीस ने गुरुवार को कहा, राज्यपाल को विमान ना देने से राज्य सरकार का रवैया दिखता है। राज्यपाल केवल एक व्यक्ति नहीं है बल्कि एक संवैधानिक पद है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और राज्य के लिए एक काला अध्याय है। इससे पहले महाराष्ट्र में इतनी घमंडी सरकार कभी नहीं बनी। भाजपा नेता आशीष शेलर ने भी इस मसले पर महाविकास अघाड़ी की सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि सत्ता के नशे चलते शिवसेना गलत उदाहरण पेश कर रही है। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने मामले में सरकार से मांग की है कि वो राज्यपाल से माफी मांगें। महाराष्ट्र से ही आने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राज्य सरकार का यह रवैया बहुत गलत है। राज्यपाल को सरकारी विमान का उपयोग करने का अधिकार है। यह राज्यपाल का अपमान है। मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। क्या है मामला? गुरुवार को राज्यपाल जब उत्तराखंड जाने के लिए मुंबई हवाईअड्डे पहुंचे थे लेकिन उनको सरकारी विमान नहीं मिल सका। उन्हें बताया गया कि उन्हें उस विमान में उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बाद वे प्राइवेट प्लेन से देहरादून पहुंचे। राज्यपाल कार्यालय ने बताया महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय को इस यात्रा की सूचना दे दी गई थी लेकिन इसके बावजूद ऐसा हुआ है।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम फडणवीस ने गुरुवार को कहा, राज्यपाल को विमान ना देने से राज्य सरकार का रवैया दिखता है। राज्यपाल केवल एक व्यक्ति नहीं है बल्कि एक संवैधानिक पद है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और राज्य के लिए एक काला अध्याय है। इससे पहले महाराष्ट्र में इतनी घमंडी सरकार कभी नहीं बनी।

भाजपा नेता आशीष शेलर ने भी इस मसले पर महाविकास अघाड़ी की सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि सत्ता के नशे चलते शिवसेना गलत उदाहरण पेश कर रही है। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने मामले में सरकार से मांग की है कि वो राज्यपाल से माफी मांगें।

महाराष्ट्र से ही आने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राज्य सरकार का यह रवैया बहुत गलत है। राज्यपाल को सरकारी विमान का उपयोग करने का अधिकार है। यह राज्यपाल का अपमान है। मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

क्या है मामला?

गुरुवार को राज्यपाल जब उत्तराखंड जाने के लिए मुंबई हवाईअड्डे पहुंचे थे लेकिन उनको सरकारी विमान नहीं मिल सका। उन्हें बताया गया कि उन्हें उस विमान में उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बाद वे प्राइवेट प्लेन से देहरादून पहुंचे। राज्यपाल कार्यालय ने बताया महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय को इस यात्रा की सूचना दे दी गई थी लेकिन इसके बावजूद ऐसा हुआ है।

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