'मैं तो बोलूंगा, चाहो तो मुझे सस्पेंड कर दो', संसद में जुमलाजीवी... जैसे शब्दों पर लगी रोक पर डेरेक की चुनौती
नई दिल्ली, 14 जुलाई। केंद्र सरकार ने जिस तरह से संसद में कुछ शब्दों को असंसदीय भाषा करार देते हुए उन्हें रिकॉर्ड में नहीं रखने को कहा है उसपर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने तीखा हमला बोला है। डेरेक ने कहा कि मैं इस बात को सुनिश्चित करूंगा कि मैं मौलिक शब्दों का इस्तेमाल करूं। इसके साथ ही उन्होंने स्पीकर को चुनौती दी है कि वह उन्हें सस्पेंड कर दें। बता दें कि लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को एक बुकलेट जारी की है जिसमे कुछ शब्द जैसे जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, कोविड स्प्रेडर, स्नूपगेट, अशेम्ड, अब्यूज्ड, बीट्रेड, करप्ट, ड्रामा, हिपोक्रेसी, इनकंपीटेंट, असंसदीय जैसे शब्दों का इस्तेमाल असंसदीय भाषा की श्रेणी में आएगा। लिहाजा इन शब्दों का इस्तेमाल लोकसभा और राज्यसभा में ना हो।

डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करके लिखा, कुछ दिनों में सत्र शुरू हो रहा है, सांसदों को चुप रहने के लिए निर्देश जारी किया गया है। अब हमे संसद में भाषण के दौरान कुछ शब्दों के इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। Ashamed, betrayed, corrupt, hypocrisy, incompetent जैसे शब्द असंसदीय शब्द हैं, मैं इन शब्दों का इस्तेमाल करूंगा, मुझे बर्खास्त कर दीजिए, मैं लोकतंत्र के लिए लड़ूंगा। गौर करने वाली बात है कि 18 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है।
संसद के सत्र की शुरुआत से पहले अनार्किस्ट, शकुनी, डिक्टेटोरियल, तानाशाह, तानाशाही, जयचंद, विनाश पुरुष, खालिस्तानी, खून से खेती, जैसे शब्दों का इस्तेमाल वर्जित होगा, इन शब्दों का अगर इस्तेमाल किया जाता है तो इसे रिकॉर्ड में नहीं रखा जाएगा। यही नहीं गद्दार, गिरगिट, गूंडा, गून्स, घड़ियाली आंसू, अपमान, असत्य, अहंकार, करप्ट, काला दिन, काला बाजारी, खरीद फरोख्त जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सदन में पाबंदी होगी। गौर करने वाली बात है कि लोकसभा सचिवालय की ओर से कुछ शब्दों की लंबी-चौड़ी लिस्ट बनाई गई है जिसके इस्तेमाल पर सदन में पाबंदी होगी। इसमे दोहरा चरित्र, निकम्मा, नौटंकी, ढिंढोरा पीटना, दादागिरी, बेचारा, बॉबकट, लॉलीपॉप, विश्वासघात, मर्ख, पिट्ठू, संवेदनहीन, दंगा, दलाल जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई गई है।












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