AGR मामला: एयरटेल ने 1950 और वोडा-आइडिया ने चुकाए 3043 करोड़ रुपये बकाया स्पेक्ट्रम फीस
नई दिल्ली। देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां जियो, एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने स्पेक्ट्रम फीस के तौर पर अपने बकाए का भुगतान कर दिया है। पीटीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू बकाए के संकट से जूझ रहीं टेलीकॉम कंपनियों ने मंगलवार को भुगतान कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्पेक्ट्रम फीस के तौर पर वोडाफोन-आइडिया ने 3,043 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल ने 1,950 करोड़ रुपये और रिलायंस जियो ने 1,053 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। वहीं, टाटा ने AGR बकाया राशि के लिए सरकार को 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया है।

बता दें कि भारती एयरटेल ने पहले भी एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) के रूप में और 8,004 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इससे पहले 17 फरवरी को कंपनी ने इस मद में 10,000 करोड़ रुपये जमा कराए थे। इस तरह कंपनी ने अब तक कुल 18,004 करोड़ रुपये का पेमेंट कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बकाया AGR को लेकर टेलीकॉम कंपनियों एवं दूरसंचार विभाग की जबरदस्त खिंचाई किए जाने के बाद एयरटेल ने ये राशि जमा कराए थे। मालूम हो कि टेलीकॉम कंपनियों पर सरकार का 1.47 लाख करोड़ रुपये एजीआर के बकाए हैं, इसमें भारती एयरटेल पर 36 हजार करोड़, वोडाफोन-आइडिया पर 53 हजार करोंड़, बीएसएनएल पर 4,989 करोड़े रुपये, एमटीएनल पर 3,122 करोड़ रुपये और टाटा टेलिसर्विसेज पर 13,800 करोड़ रुपये बकाया है।
गौरतलब है कि कंपनियों ने सरकार से कहा था कि दूरसंचार विभाग की ओर से तय किए गए एजीआर बकाए और उनके स्वमूल्यांकन के बीच भारी अंतर है। अब सरकार ने इस दावे की पुष्टि के संबंध में सभी तीन दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज से दस्तावेज जमा करने को कहा है।
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