नोटबंदी के बीच आई एक बड़ी खुशखबरी, जरूर पढ़ें
अगर आप अपने डेबिट या क्रेडिट से 2000 रुपए तक की कोई खरीदारी करते हैं या किसी सेवा के बदले भुगतान करते हैं तो इसके लिए अब कोई सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।
नई दिल्ली। नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों और एटीएम के बाहर जहां लंबी-लंबी कतारें लगी हैं, वहीं सरकार कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देने और नकद लेन-देन को कम करने की दिशा में लगातार फैसले ले रही है।
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डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर टैक्स में छूट
कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब क्रेडिट या डेबिट कार्ड से 2000 रुपए तक के भुगतान पर कोई सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।
सरकार के फैसले के मुताबिक अगर आप अपने डेबिट या क्रेडिट से 2000 रुपए तक की कोई खरीदारी करते हैं या किसी सेवा के बदले भुगतान करते हैं तो इसके लिए अब कोई सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।

कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने को कोशिश
सूत्रों की मानें तो इस फैसले की एक अधिसूचना संसद में जल्द ही वित्त मंत्री अरुण जेटली पेश करेंगे, जिसके बाद यह फैसला लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले का आज 30वां दिन है।
इस फैसले के बाद सरकार ने कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बात कही थी, इसलिए सरकार ने सर्विस टैक्स में छूट देने का फैसला लिया है। इस फैसले से कार्ड पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

बढ़ चुकी है ई-वॉलेट से भुगतान की सीमा
आपको बता दें कि नोटबंदी के फैसले के बाद सरकार ने पहले ही यह ऐलान किया हुआ है कि 31 दिसंबर तक डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर कोई सर्विस टैक्स नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा सरकार ई-वॉलेट से भुगतान की सीमा भी बढ़ा चुकी है। पेटीएम जैसे ई-वॉलेट से 20 हजार रुपए तक का भुगतान किया जा सकता है। पहले यह सीमा 10 हजार रुपए थी।

उर्जित पटेल ने कहा, फैसले पर मतभेद नहीं
इससे पहले बुधवार को आरबीआई ने बताया था कि नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच में 19.1 अरब के नए नोट पब्लिक के बीच में जारी किए गए हैं।
नोटबंदी के फैसले को सही बताते हुए उर्जित पटेल ने कहा कि अधिकतर लोग इस निर्णय को सही मान रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस फैसले से कालेधन, फर्जी करेंसी, आतंकवाद के खात्मे में मदद मिलेगी। इस निर्णय को लेकर कोई मतभेद नहीं है।












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