दिल्ली पर नहीं हुआ मोदी की होम्योपैथी दवा का असर
बेंगलुरु। मोदी होम्योपैथी की दवा से बीमारी ठीक करने की सोच रहे थे लेकिन भूल गए कि जनता को अब अंगरेजी दवाई से तुरंत आराम की आदत पड़ गयी है। वहीं उत्तर प्रदेश वालों को मुफ्त के लैपटॉप, दिल्ली वालों को मुफ़्त में WiFi जहां चना वहां चबाने वाले नहीं.. जहां चबाने वाले है वहां चना नहीं। ऐसी ही तमाम प्रतिक्रियाएं हैं, जो वरिष्ठ पत्रकारों ने ट्विटर पर दीं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव पर प्रतिक्रियाओं का दौर अभी भी तेजी से जारी है। चलिये चलते हैं बेंगलुरु और फिर भोपाल और देखते हैं वरिष्ठ पत्रकार मंगल सनेचा और रविंद्र बाजपेयी दिल्ली पर क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं। मंगल सनेचा मीडिया कंसल्टेंसी जागृति दौर के संपादक हैं और रविंद्र बाजपेयी मध्य प्रदेश हिंदी एक्सप्रेस के संपादक हैं।
रविंद्र बाजपेयी @ravindrabajpai5
- आज भाजपा के वैचारिक पूर्वज पं दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि है। दिल्ली की पराजय दीनदयाल जी के रास्ते से विचलन का परिणाम है।
- यदि मोदी को लगता है उनकी नीतियां सही हैं तो उन्हें जारी रखना चाहिए।चुनाव जीतने से ज्यादा जरूरी देश की भलाई है।
- ओखला के आप विधायक अमानतुल्ला खान ने बटाला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताकर जांच कराने कहा। केजरीवाल प्रतिक्रया दें।
- सारे भाजपा विरोधी बहुत खुश हैं कि भाजपा हार गयी लेकिन उन्हें दुखी होना चाहिए कि उनका वोट बेंक आम आदमी पार्टी के कब्जे में चला गया।
- केजरीवाल को मिला ऐतिहासिक बहुमत उनकी सबसे बड़ी समस्या बनेगी।जीते हुए अधिकाँश विधायकों में सब आंदोलन से निकले लोग नहीं हैं।
- कांग्रेस तो मातम मनाने लायक तक नहीं बची। माकन भी जमानत गँवा बैठे।
- भाजपा को इस बात पर संतोष हो सकता है कि उसको भले ही वोट आम आदमी पार्टी से कम मिले किन्तु उसका वोट बैंक कम नहीं हुआ।
- यदि वैकल्पिक राजनीति केजरीवाल के रूप में जनता को पसंद है तो उसका सम्मान होना चाहिए।यही लोकतंत्र है।
- भाजपा को इस बात पर संतोष हो सकता है कि उसको भले ही वोट आम आदमी पार्टी से कम मिले किन्तु उसका वोट बैंक कम नहीं हुआ।
- कहावत है जीत के हज़ार बाप होते है लेकिन दिल्ली में जीत का एक ही बाप है:- अरविन्द केजरीवाल...
- मोदी के नाम दिल्ली की जनता का सन्देश:- ज़िंदा कौम 5 साल तक इंतज़ार नहीं करती।
- यदि जनता मोदी को छप्पर फाड़कर दे सकती है तो उनका छप्पर उड़ा भी सकती है।
- मोदी के सफाई अभियान को जनता ने उन्हीं पर आजमा लिया।
- सारे सर्वेक्षण और एग्जिट पोल गलत। जनता जितना बताती उससे ज्यादा छुपा लेती है।
- दिल्ली की जनता ने भाजपा को जिस तरह ठुकराया वह जबरदस्त राजनीतिक विश्लेषण का विषय है। जनता का मूड इतनी जल्दी बदलना लोकतंत्र के लिए अच्छा है।
- यदि किरण बेदी हार का कारण हैं तो 1998,2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली में भाजपा की हार के कारण क्या थे?
मंगल सेनाचा @MangalSenacha
- कांग्रेस के अजय माकन जमानत गंवा बैठे... फिर भी कांग्रेस ख़ुशी मना रहीं है कि मोदी टीम हार गई .... बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना..!!
- उत्तर प्रदेश वालों को मुफ्त के लैपटॉप, दिल्ली वालों को मुफ़्त में WiFi जहां चना वहां चबाने वाले नहीं.. जहां चबाने वाले है वहां चना नहीं ।
- जो बित गई वो बात गई ! कल आआपा वालों व दिल्ली की सुनामी का दिन... सुनामी हरदिन नहीं आती.. अब आपके दिन है..वही दिनचर्या अपने काम, अपनी
- चिंता।
- 95.7%की जीत के साथ अब दिल्लीवालों को मुफ़्त में #WI-FI, मुफ़्त में पानी, बिजली के बिल आधे हो जायेंगे CCTV का कवच आदि। मुफ़्तख़ोरी का मज़ा !
- यदि दिल्ली में यह नतीजा ऊल्टा होता #AAP-3 #BJP-67 तो यह आप वाले चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठ जाते व मांग करते कि #EVM में गड़बड़ियां
- है।
- दिल्ली की जनता ने सबको हैरान कर किया ? मगर सवाल यह कि क्या मोदी व किरण बेदी का इतना बड़ा दोष है कि उन्हे 5% जीत के लायक भी न समझा?













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