Delhi Pollution: लापता हुए देश के पर्यावरण मंत्री Bhupender Yadav! कौन-कौन तलाश रहा? दिल्ली में लग गए पोस्टर
Delhi Pollution: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के शहर जैसे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, जींद, सोनीपत, मेरठ आदि भयंकर प्रदूषण से जूझ रहे हैं। अस्थमा और सांस संबंधी व दिल की बीमारियों वाले मरीज अब अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। दिल्ली का AQI 500 के करीब जा चुका है लेकिन सरकारी डेटा 200 के करीब बता रहा है। ऐसे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग उनकी तलाश करने लगे हैं।
ऋचा अनिरुद्ध को पर्यावरण मंत्री की तलाश
देश की जानी-मानी पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- 'मंत्री जी आप कहां हैं? आप क्या कर रहे हैं? पहले केजरीवाल जी को पंजाब की पराली दिखती थी, पर अब नहीं दिखती। ठीक ऐसे ही रेखा गुप्ता जी को पहले यमुना का प्रदूषण दिखता था पर अब नहीं दिखता।' ऋचा अनिरुद्ध ने आगे लिखा कि 'देश के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव खुद कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं..कम से कम जनता तो अंधी न बने'

दिल्ली के क्नॉट प्लेस पर लगे लापता के पोस्टर
ऋचा के अलावा कई लोग अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के खिलाफ आग उगल रहे हैं। दिल्ली के क्नॉट प्लेस पर भूपेंद्र यादव के लापता वाले पोस्टर चिपके मिले हैं। इसके अलावा एक यूट्यूबर भी उनका लापता वाला पोस्टर लेकर लोगों से पूछती है कि या वे भूपेंद्र यादव को जानते हैं, तो लोग उन्हें पहचान ही नहीं पाए। ये वीडियो कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया है।
सबसे ज्यादा In-active मंत्री का तमगा
देश जब नेशनल इमरजेंसी की परिस्थिति से जूझ रहा है तब भूपेंद्र यादव न तो इसे लेकर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की, न तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही वे प्रदूषण को कम करने में बुरी तरह फेल हुए जिसका खामियाजा दिल्ली NCR की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शायद इसीलिए पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने कहा कि- 'देश के पर्यावरण मंत्री खुद कहीं नहीं दिख रहे।'
आखिर हैं कहां पर्यावरण मंत्री?
जब पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की तलाश सोशल मीडिया पर शुरू हुई तो वनइंडिया ने पता करने की कोशिश की आखिर वे कहां हैं। उनके ऑफिस से पता चला मंत्री पर्यावरण की समिट COP30 में शामिल होने के लिए ब्राजील गए हैं। लेकिन इस दौरान उनका अपना देश सांस नहीं ले पा रहा है इसके बारे में उनकी चिंताएं न के बराबर दिखती हैं।
सरकार की नाकामी, भुगतान कर रही जनता
सरकार की नाकामियों का एक असर ये भी है कि मार्केट एयर प्यूरिफायर की डिमांड में अचानक से तेजी आई है। अब कूलर, एसी और फ्रिज की तरह एयर प्यूरिफायर भी घरों के लिए आवश्यक उपकरण बनता जा रहा है। मध्यम वर्ग के परिवारों के सामने एक और उपकरण खरीदने और फिर उसका बिजली बिल चुकाने का संकट भी खड़ा हो गया है। लेकिन केंद्र और दिल्ली दोनों ही सरकारों का सुस्त रवैया अब दिल्ली को जहरीला बना रहा है।
नोएडा DM और यूपी पर्यावरण मंत्री का भी सुस्त हाल
नोएडा DM के ऑफिशियल एक्स हेंडल को देखा तो पता चला कि नोएडा DM मेधा रूपम ने पिछले एक हफ्ते से प्रदूषण को लेकर कोई जानकारी न साझा की है और न ही उनकी ऐसी कोई कार्रवाई पता चल सकी जिसमें ये देखने को मिला हो कि उन्होंने प्रदूषण के कारकों से निपटने की कोशिश की हो। इसके अलावा यूपी के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के एक्स हेंडल का भी कुछ ऐसा ही हाल मिला है।
दिल्ली का क्या हाल है?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। मंगलवार को समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 309 दर्ज किया गया। शहर के कई निगरानी स्टेशनों पर यह स्तर 500 के लगभग पहुंच गया, जिससे हवा 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई। यह जानकारी पर्यावरण चेतावनी प्रणाली (EWS) ने दी है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: "संभव हो तो शहर छोड़ दें"
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि यदि संभव हो तो वे स्थिति सुधरने तक दिल्ली छोड़ दें। हर सर्दी में यह एक दुखद सिलसिला बन चुका है, जब दिल्ली जहरीले धुंध में सांस लेने को मजबूर होती है। इस साल एक Reddit पोस्ट ने इस मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है - जिसमें न केवल धुंध बल्कि इसके पीछे की सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाया गया है।
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