Pooja Khedkar case: IAS पूजा खेडकर को दिल्ली पुलिस जल्द भेज सकती है पुलिस
Pooja Khedkar case: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामले की जांच में ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर को नोटिस भेज सकती है। आधिकारिक सूत्रों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार पुलिस ने इस मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।

19 जुलाई को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खेडकर पर विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमी लेयर) कोटा का दुरुपयोग करके सिविल सेवा परीक्षा में अपनी उम्मीदवारी सुरक्षित करने का मामला दर्ज किया था। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल करके सिविल सेवा परीक्षा में निर्धारित संख्या से अधिक बार परीक्षा दी।
अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक समर्पित टीम को विभिन्न सरकारी विभागों से दस्तावेज एकत्र करने का काम सौंपा गया है। एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, एक बार संकलित होने के बाद, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कथित जाली दस्तावेजों के मामले में खेडकर से पूछताछ के लिए किया जा सकता है।
खेडकर पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 464 (काल्पनिक व्यक्ति के नाम पर दस्तावेज बनाना), 465 (जालसाजी) और 471 (जाली दस्तावेज को असली के तौर पर पेश करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, इस मामले में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की धारा 89 और 91 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी भी लागू होती है।
खेडकर पर क्या हैं आरोप
खेडकर पर पुणे जिला कलेक्टरेट में प्रोबेशनरी असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान शारीरिक विकलांगता की श्रेणी में खुद को गलत तरीके से पेश करने का आरोप है। इन आरोपों के बीच इस महीने की शुरुआत में उन्हें पुणे से वाशिम स्थानांतरित कर दिया गया था।
पुणे में रहने के दौरान, खेडकर ने कथित तौर पर सत्ता और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया और उन सुविधाओं और भत्तों की मांग की जिनकी वह हकदार नहीं थीं। उन पर यूपीएससी परीक्षाओं में ओबीसी और नॉन-क्रीमी लेयर कोटे के तहत लाभ उठाने का भी आरोप है।












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