टूलकिट केस: Zoom ऐप को दिल्ली पुलिस ने लिखा पत्र, मीटिंग में कौन-कौन था मांगे नाम
Disha Ravi Toolkit Matters: दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु की एक क्लाइटमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को टूलकिट मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि 11 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस की हिंसा से 15 दिन पहले खालिस्तानी समूह पॉइटिक जस्टिस फाउंडेशन की एक जूम मीटिंग में हिस्सा लिया था। जिसके बाद अब दिल्ली पुलिस ने जूम वीडियो कॉलिंग ऐप को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने यह जानने की कोशिश की है कि उस बैठक में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे।

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Google डॉक टूलकिट तैयार करने में शामिल लोगों की फंडिंग के साथ-साथ टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस किसान नेताओं की भूमिका की भी जांच करेगी, जिसके चलते दिशा रवि की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने टूलकिट पर Google से भी जवाब मांगा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
बेंगलुरु की 21 साल की जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के अलावा मुंबई की वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु मुलुक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि किसानों के विरोध के दौरान दिल्ली में गणतंत्र दिवस की हिंसा से 15 दिन पहले 11 जनवरी को निकिता और शांतनु ने खालिस्तानी समूह की आयोजित एक जूम मीटिंग में हिस्सा लिया था।
पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने बताया है कि बैठक ने टूलकिट को 'ग्लोबल फार्मर स्ट्राइक' और 'ग्लोबल डे ऑफ एक्शन, 26 जनवरी' जैसे हेडलाइन बनाने के तौर तरीकों का फैसला किया गया था। पुलिस ने कहा है कि तीनों ने टूलकिट को दूसरों के साथ बनाया और शेयर किया, जिसे बाद में वैश्विक जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने ट्विटर पर शेयर किया था।पुलिस ने दावा किया कि दिशा रवि ने टूलकिट पर ग्रेटा थुनबर्ग के साथ बातचीत भी की।












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