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दिल्ली शराब दुकान लाइसेंस : कैबिनेट के फैसले को उपराज्यपाल सक्सेना की मंजूरी, कहा- कोई और रास्ता नहीं

दिल्ली में 468 निजी शराब स्टोर खोलने से पहले उपराज्यपाल वीके सक्सेना से अनुमति लेनी होगी। दिल्ली के होटल, क्लब और रेस्तरां अपने शराब लाइसेंस के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। delhi new excise policy

नई दिल्ली, 01 जुलाई : अरविंद केजरीवाल की सरकार शराब को लेकर फैसलों के बारे में सुर्खियों में है। दिल्ली सरकार ने शराब लाइसेंस को लेकर विक्रेताओं को आश्वस्त किया है और लाइसेंस की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। सरकार की घोषणा के बावजूद मौजूदा उत्पाद नीति को लेकर होटल, क्लब और रेस्तरां (Hotel, Clubs and Restaurants) संचालकों में अनिश्चितता का माहौल है। AAP सरकार ने कहा कि शराब की दुकानों के संचालन की निरंतरता बनाए रखने के लिए लाइसेंस की अवधि एक महीने तक बढ़ाई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक LG विनय सक्सेना ने केजरीवाल सरकार के फैसले को मंजूरी दे दी है, लेकिन दोनों बीच टकराव की स्थिति के मद्देनजर दिल्ली में शराब की बिक्री पर प्रश्नचिह्न लगा ही हुआ है।

LG केजरीवाल सरकार से सहमत !

LG केजरीवाल सरकार से सहमत !

शराब लाइसेंस रीन्यू से जुड़ी दीहिंदू की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोमवार को दिल्ली सरकार के खुदरा शराब लाइसेंस को एक महीने तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने कहा, LG ने स्वीकार किया कि उनके पास शराब व्यापार में व्यवधान से बचने के लिए "सहमत होने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं" था।

सहमति के अलावा दूसरा विकल्प नहीं

सहमति के अलावा दूसरा विकल्प नहीं

खबर में सूत्रों के हवाले से लिखा गया, LG सक्सेना ने उल्लेख किया कि उनके पास शराब के खुदरा या थोक विक्रेताओं के बिजनेस में किसी भी व्यवधान या उनका धंधा बंद होने से बचने और अनाधिकृत शराब की बिक्री को रोकने के लिए कैबिनेट के प्रस्ताव से सहमत होने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। मंजूरी एक महीने के लिए और स्टॉक खत्म करने के लिए है। राज निवास के एक सूत्र ने कहा, LG के मुताबिक कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैबिनेट के फैसले से सहमत होना पड़ेगा। अब आबकारी विभाग जल्द ही इस आशय का आधिकारिक आदेश जारी करेगा।

शराब बेचने वालों की प्रतिक्रिया

शराब बेचने वालों की प्रतिक्रिया

रेस्तरां मालिकों ने कहा कि लाइसेंस की अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसके कारण इसको पूरा करने में कम से कम एक-दो दिन लगेंगे, यानी लोगों को अभी शराब के लिए इंतजार करना होगा। सोमवार शाम पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया, दिल्ली के रेस्तरां, बार और होटलों ने 31 जुलाई को आबकारी लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के कारण शराब परोसने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को कई लोग अनजाने में रेस्तरां और बार में गए और शराब मांगी, लेकिन निराश हुए। दिल्ली में शराब बेचने के संबंध में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के प्रतिनिधियों ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर मौजूदा लाइसेंसों को रीन्यू करने की अपील भी की।

...तो अवैध होगा शराब बेचना

...तो अवैध होगा शराब बेचना

इससे पहले आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के बार और शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया था क्योंकि दिल्ली प्रशासन आबकारी नीति (2021-22) को 1 अगस्त से 31 अगस्त तक बढ़ाना चाहता था, लेकिन उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना की मंजूरी के बिना ये संभव नहीं। आबकारी नीति 31 जुलाई को खत्म हो गई। अगर उपराज्यपाल नीति विस्तार को मंजूरी नहीं देते, तो मादक पेय बेचना अवैध होगा। सोमवार की ताजा खबरों के मुताबिक 30 सितंबर तक लाइसेंस की अवधि बढ़ाने के फैसले वाली फाइल LG ऑफिस भेजी जा चुकी है। नजरें उपराज्यपाल सक्सेना के फैसले पर हैं।

यहां देखें दिल्ली सरकार का फैसला-

AAP के फैसले पर खामोश हैं LG सक्सेना !

LG की मंजूरी से पहले लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया, उपराज्यपाल सक्सेना ने 31 जुलाई तक फाइल की समीक्षा कर आबकारी नीति के विस्तार को अधिकृत नहीं किया। खबरों के मुताबिक सक्सेना 1 अगस्त को समीक्षा करने वाले हैं। अगर विस्तार को मंजूरी नहीं मिली तो शराब परोसने वाले होटल, क्लब और रेस्तरां (Hotel, Clubs and Restaurants) के लाइसेंस का नवीनीकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक उपराज्यपाल आम आदमी पार्टी की सरकार को अपने निर्णय को व्यवहार में लाने की अनुमति नहीं देते।

शराब विक्रेताओं का बयान

शराब विक्रेताओं का बयान

दिल्ली में शराब बिक्री के संबंध में लाइवमिंट की रिपोर्ट में बीयर कैफे के संस्थापक राहुल सिंह के हवाले से कहा गया, अगर 1 अगस्त से पहले समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो दिल्ली में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। उन्होंने दावा किया, रेस्तरां, सराय, बार और क्लबों को शराब की आपूर्ति बंद करनी होगी। राहुल सिंह ने कहा कि ग्राहकों, सरकार, व्यवसायों और उनके कर्मचारियों सहित शराब कारोबार से जुड़े लोगों को बहुत नुकसान होगा, अराजकता जैसी स्थिति होगी।

AAP सरकार ने क्या फैसला लिया

AAP सरकार ने क्या फैसला लिया

गौरतलब है कि दिल्ली में आबकारी और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को घोषणा की थी कि देश की राजधानी पिछली आबकारी व्यवस्था को फिर से शुरू करेगी। सोमवार से शराब केवल सरकारी विक्रेता ही बेचेंगे। हालांकि, शनिवार देर शाम दिल्ली की AAP सरकार ने ये ऐलान भी किया कि मौजूदा पॉलिसी को एक महीने और बढ़ाया जाएगा।

खुदरा शराब की दुकानों में चिंता

खुदरा शराब की दुकानों में चिंता

सरकार की इस पहल के बावजूद कई रेस्तरां मालिकों ने जोर देकर कहा कि अगले एक या दो दिनों में आबकारी नीति विस्तार को अमल में लाना चाहिए। इससे समस्या उतनी गंभीर नहीं होगी। हालांकि, खुदरा शराब की दुकानों में थोड़ी परेशानी होगी। रेस्तरां मालिकों का कहना है कि कई विक्रेताओं के पास अपने ग्राहकों को सेवा देने के लिए हमेशा एक महीने से अधिक का शराब स्टॉक में होता है।

नई आबकारी नीति में क्या ?

नई आबकारी नीति में क्या ?

बता दें कि नई आबकारी नीति (2021-2022) में होटल, क्लब और रेस्तरां (Hotel, Clubs and Restaurants) को थोक विक्रेताओं के बजाय दुकानों से शराब खरीदनी होगी। इसका मतलब है कि होटल, क्लब और रेस्तरां पिछले आठ महीनों की तरह ही आगामी एक महीने के लिए दुकानों से शराब खरीदनी होगी। नई नीति के तहत होटल, क्लब और रेस्तरां 1 सितंबर से ही थोक विक्रेताओं से सीधे शराब खरीद सकेंगे। पिछली उत्पाद शुल्क योजना के तहत यही नियम था।

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